मोहब्बत

23 मार्च 2015   |  विष्णु द्विवेदी   (130 बार पढ़ा जा चुका है)

अलहदा हैं मेरी और तुम्हारी मोहब्बतें.... तुम्हारी कलफ़ चढ़ी , इस्त्री की हुई सी, सलीकेदार...... मेरी बेतरतीब,बिखरी, बेकायदा,बेलौस - सच्ची मोहब्बत सी मोहब्बत

Anulata raj nayar

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