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05 सितम्बर 2015   |  शब्दनगरी संगठन   (2530 बार पढ़ा जा चुका है)

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05 सितम्बर 2015
शब्दनगरी मंच के माध्यम से, आप अपने विचार जन-मानस तक हिंदी में पहुँचा सकते हैं| इस मंच से जुड़कर, आप हिन्दी की विभिन्न विधाओं जैसे- कविता, कहानी, निबन्ध, संस्मरण तथा अन्य विधाओं में अपने लेख प्रकाशित कर सकते है| शब्दनगरी पर हिन्दी-भाषी ब्लॉगर्स अपनी रचनाओ को समकक्ष एवं अपेक्षित रचनाकारों के साथ साझा
05 सितम्बर 2015
15 सितम्बर 2015
अब भाषा भारत की हिंदी, ऐसी है अलबेली ।ज्यों घन घुमड़े, करे दामिनी घटा मध्य अठखेली ।।आज परिष्कृत शुभ्र सुन्दरी, हो गई हिन्दी भाषा ।कवि, लेखकों, विद्वानों की मिटती ज्ञान पिपासा ।।विकसित हुई आज ये हिन्दी, सब बाधाएँ झेलीं ।अनुपमेय लगती जैसे, अभिसारिका नई नवेली ।।अब भाषा भारत की हिंदी, ऐसी है अलबेली ।ज्यो
15 सितम्बर 2015
28 अगस्त 2015
पाचक :१- रसोइया, बावर्ची, खानसामा;प्रयोग : हमारा पाचक अत्यंत स्वादिष्ट भोजन बनाता है I२-वह पदार्थ जो खाई हुई चीज़ को पचाता हो या पाचन शक्ति बढ़ाता हो;प्रयोग : प्राकृतिक वस्तुओं से बना अवलेह सर्वोत्तम पाचक होता है I►अवलेह का अर्थ होता है, किसी वस्तु का गाढ़ा लसीला रूप जैसे गाढ़ी औषधि आदि;३-शरीर के अंदर
28 अगस्त 2015
26 अगस्त 2015
किंकर्तव्यविमूढ़ :१-दुविधा की स्थिति,२-भौचक्का या अवाक रह जाना,३-जो यह न समझ सके कि उसे अब क्या करना चाहिएप्रयोग-आपको कोई एक निर्णय तो लेना ही होगा कि जीवन में नौकरी करोगे या व्यापार, लेकिन इस तरह किंकर्तव्यविमूढ़ होकर बैठने से कोई लाभ नहीं होगा I
26 अगस्त 2015
28 अगस्त 2015
रजत :१-चांदी, रूपा;२-हाथी दांत;३-मुक्ताहार;४-धवल रंग;५-चांदी का बना हुआ, चांदी के रंग का, उज्जवल, शुभ:प्रयोग: तैराकी प्रतियोगिता में तीन खिलाड़ियों को रजत पदक से सम्मानित किया गया I
28 अगस्त 2015
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