तब याद आता है बचपन!

19 सितम्बर 2015   |  वर्तिका   (146 बार पढ़ा जा चुका है)

तब याद आता है बचपन!

यादों के भंवर से ,पीछे मुड़ कर देखते हूँ,
तब याद आता है बचपन,

बस्ता टाँगे, कॉपी लिए किसी बच्चे को स्कूल जाते देखते हूँ,
तब दोस्तों संग स्कूल जाने के लिए आतुर हो जाता हैं बचपन,

रोजमर्रा ज़िन्दगी से जब ऊब जाती हूँ,
तब मुस्कराता है बचपन,

स्वछंद हंसी देखती हूँ,
तो नटखट ढंग से लजाता है बचपन,

चॉकलेट और टॉफ़ी देखती हूँ
तो मनचला सा मचल जाता है बचपन,

खेल-खिलौने, गुड्डे- गुड़ियाँ देखते हूँ,
तब मचल जाता है बचपन,

जब चला जाता है,
तब क्यों इतना सताता है बचपन!


अगला लेख: महिला सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास: वूमन पावर लाइन १०९०



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
05 सितम्बर 2015
हर साल, शिक्षक दिवस ५ सितम्बर को डॉ. सर्वपल्ली राधा कृष्णन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है| इस दिन हम अपने प्रिय शिक्षकों को याद करना कभी भी नहीं भूलते| डा. राधाकृष्णन, महान शिक्षाविद होने के साथ-साथ, हमारे देश के दूसरे राष्ट्रपति भी थे। डॉ. राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के
05 सितम्बर 2015
11 सितम्बर 2015
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में तीन दिवसीय "10वें विश्व हिंदी सम्मेलन"आयोजित हो रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घघाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने माखन लाल चतुर्वेदी नगर, लाल परेड मैदान, भोपाल में किया। १० से १२ सितंबर तक चलने वाले इस सम्मेलन में, देश-विदेश से आये प्रतिनिधि शामिल हो रह
11 सितम्बर 2015
26 सितम्बर 2015
ये चुटपुटकुले हैं,हंसी के बुलबुले हैं।जीवन के सब रहस्यइनसे ही तो खुले हैं,बड़े चुलबुले हैं,ये चुटपुटकुले हैं।माना किकम उम्र होतेहंसी के बुलबुले हैं,पर जीवन के सब रहस्यइनसे ही तो खुले हैं,ये चुटपुटकुले हैं।ठहाकों के स्त्रोतकुछ यहां कुछ वहां के,कुछ खुद ही छोड़ दिएअपने आप हांके।चुलबुले लतीफ़ेमेरी तुकों
26 सितम्बर 2015
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x