इम्तिहान के समय अच्छी याददास्त बनाये रखने के लिए कुछ नुस्खे

02 अक्तूबर 2015   |  पुष्पा पी. परजिया   (652 बार पढ़ा जा चुका है)

(अंतर्जाल के मध्यम से  विद्यार्थियों के लिए कुछ   उपयोगी  नुस्खे )

इम्तिहान  करीब आते ही दिमाग में बस पढ़ना और पढ़ना ही याद आता है। न दिन देखते हैं और न रात किताबों की दुनिया में खोए रहने का मन करता है। जो समझ में आया तो ठीक वर्ना  उसे रट लिया। दिक्कत यह है कि तैयारी में महिनों लगाने के बाद भी कई बार नतीजा शुन्य  ही निकलता है। यानी  इम्तिहान के समय  हाथ में पेपर आते ही दिमाग की बत्ती गुल हो जाती है। तैयारियों के दौरान जो कुछ भी पढ़ा उसकी बस धुंधली सी यादें ही दिमाग में घूमने लगती हैं बाकी बस काले अंधेरे में कहीं खो जाता है एइसे समय के लिए   यदि एईसी कुछ बातों पर हम ध्यान दें और   उसपर अमल करे  तो बहुत लाभ प्राप्त हो सकता है . 


ऐसा किसी एक के साथ नहीं बल्कि ज्यादातर युवाओं के साथ होता है। इससे बचने के लिए ज्यादा विद्यार्थी बाजार में आ रही मेमोरी इंप्रूव की दवाइयां या बुद्धिवर्धक पेय का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक इससे उनकी मेमोरी इंप्रूव होती है लेकिन जानकार मानते हैं कि मेमोरी को इंप्रूव करने के बजाए उसे स्ट्रांग बनाएं ताकि लंबे समय तक आप उसे अपने दिमाग में रख सकते हैं।

..तो ज्यादा देर रहेगा याद 
मनोवैज्ञानिक के मुताबिक मेमोरी इंप्रूव करना और स्ट्रांग करना दो अलग- अलग बातें हैं। दवाएं खाकर कम समय में ज्यादा से ज्यादा याद करना संभव नहीं है लेकिन भरपूर पोषण और टेंशन फ्री रहकर दिमाग में स्टोर करने की क्षमता को विकसित किया जा सकता है। मेमोरी को इंप्रूव नहीं स्ट्रांग बनाने की जरूरत है। एक वक्त में कई तरह की बातें दिमाग में घूमने से हम भटकने लगते हैं और पिछला सबकुछ भूल जाते हैं। इससे बचने के लिए एक समय में एक ही काम करें। दस काम लेने से आपके सभी काम प्रभावित होंगे।

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योग बढ़ाता है ऑक्सीजन लेवल 
योग और प्राणायाम की मदद से दिमाग की स्मरण शक्ति को ब़ढ़ाया जा सकता है। इसमें कुछ क्रियाएं हैं, जिनकी मदद से दिमाग में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाया जा सकता है। योग टीचर विकास पाठक बताते हैं कि मेमोरी को स्ट्रांग किया जा सकता है।

स्टूडेंट्स की यही समस्या होती है कि वो याद तो कर लेता है लेकिन दिमग में स्टोर नहीं कर पाता। तनाव और ऑक्सीजन लेवल की कमी के कारण याद किया हुआ रीकॉल नहीं हो पाता। इस समस्या के लिए योग का सहारा लें। योग ऑक्सीजन लेवल को बढाता है।

लें लंबी सांसें 
एग्जाम देने के पूर्व लंबी-लंबी सांसें छोड़ें और लें। यह प्रकिया 20 से 30 मिनट बाद दोहराएं। इससे दिमाग में ऑक्सीजन का स्तर बना रहेगा और दिमाग के फंक्शन को तनाव से मुक्त रखा जा सकता है। अक्सर यह प्रक्रिया किसी भी तनाव से भरे कार्य को करने से पहले की जाती है।

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इनका करें उपयोग 

1. ॐ का उच्चारण करें 

मुंह खोलकर लंबी सांस भरे और फिर ॐ का उच्चारण भी ऑक्सीजन पाने का बेहतरीन तरीका है।

2. भ्रामरी प्राणायाम भी है बेहतर 

भ्रामरी प्राणायाम से ऐसे हार्मोंस निकलते हैं जो दिमाग को रिलेक्स करते हैं। इसके साथ ही भ्रामरी प्राणायाम दिमाग में जूझने की क्षमता को ब़ढ़ाता है।

3. एक ही काम पर लगाएं मन 

एक वक्त पर एक ही काम करें। एक साथ कई काम करने से हमारा दिमाग स्थिर होने की बजाए तनाव से ग्रस्त हो जाता है। इस स्थिति से बचने की पूरी कोशिश करें।


अगला लेख: साईं चालीसा



बहुत बहुत धन्यवाद योगिता जी ।.

बहुत उपयोगी लेख पुष्पा जी ! धन्यवाद

जी ओम प्रकाश शर्मा जी , बहुत बहुत धन्यवाद .

प्रत्येक व्यक्ति याददाश्त दुरुस्त रखना चाहता है और इसके लिए ये छोटे-छोटे उपाय कारगर सिद्ध होते हैं । सार्थक प्रस्तुति !

सुन्दर टिपण्णी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद वर्तिका जी ,..

वर्तिका
03 अक्तूबर 2015

सार्थक लेख, विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी सुझाव पुष्पा जी ! इम्तिहान के समय अच्छी याददाश्त बनाये रखने के लिए असरदार नुस्खे!

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