भारत

28 जनवरी 2015   |  राजीव गुप्ता   (184 बार पढ़ा जा चुका है)

इक चाहत है, इक सपना है, और हमें उम्मीद भी है
आकाश में इक दिन खुद ही तिरंगा, हवा के बिन लहराएगा
भारत हमको मिल जाएगा


भ्रष्टाचार का नाम ना होगा, लूट-पाट का कहीं अरमान ना होगा
ऊँच-नीच का नामोनिशान ना होगा, कोई हिन्दू कोई मुसलमान ना होगा
होली ईद पे इक इन्सां, इन्सां को गले लगाएगा
भारत हमको मिल जायेगा


देशभक्ति हर दिल में उगेगी, सदभावना हर मन में रहेगी
हर बच्चे को शिक्षा मिलेगी, नारी जब अबला ना रहेगी
देश का हर नेता भी दिल से, जन गण मन जब गायेगा
भारत हमको मिल जाएगा

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