बदल जाएगी

05 नवम्बर 2015   |  aradhana   (191 बार पढ़ा जा चुका है)

कविता

आज नहीं तो कल बदल दी जाएगी
तस्वीर दुनियाँ कि बदल दी जाएगी

हालत एक से होते नहीं हर एक के
तूफानों बन बिजलियाँ ही टकराएगी

माना हालत के मारे हम सह रहे है
ज़दोजहद से राह नई निकल ही आएगी

जब कही स्याद थक कर चला जाएगा
आकाश में चिड़ियाँ उड़ कर चली जाएगी

आज आँखों से सावन बरसा कर जाएगी
पीर कि टिस "अरु" दिल में उतर ही जाएगी
आराधना राय "अरु"

अगला लेख: ७५ वी साल गिरह दुष्यंत कुमार कि



आज नहीं तो कल बदल दी जाएगी
तस्वीर दुनियाँ कि बदल दी जाएगी| बहुत शानदार |

बहुत सुन्दर रचना !

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