इसकोंन मंदिर की सच्चाई...अवश्य जाने... .ISKCON .......( International Society of Krishna Consiousness )

25 नवम्बर 2015   |  रोमिश ओमर   (375 बार पढ़ा जा चुका है)

इसकोंन मंदिर की सच्चाई...अवश्य जाने... .ISKCON .......( International Society of Krishna Consiousness )

एक
अमेरिकन संस्था है जिसने अनेक देश में कृष्ण
भगवान के मंदिर खोले हुए है और ये मँदिर
अमेरिका की कमाई के सबसे बड़े साधन है
क्योँकि इन मंदिर पर इनकम टैक्स भी नही है । ये
संस्था लोगो की अंधभक्ति का फ़ायदा उठ
खरब डॉलर इन मंदिर में आनेवाले चढ़ावे के माध्यम
से अमेरिका ट्रान्सफर कर देती है और दुर्भाग्य से
इस लुटेरी ISKCON संस्था के सबसे
ज्यादा मंदिर भारत में है। आपको जानकर
आश्चयॅ होगा कि अमेरिका की कोलगेट
कंपनी एक साल में जितना जितना शुद्ध लाभ
अमेरिका भेजती है उससे 3 गुना ज्यादा अकेले
बैंगलोर का ISKCON मंदिर भारत
का पैसा अमेरिका भेज देता है!। और बैंगलोर से
भी बड़ा मंदिर दिल्ली में है, और दिल्लीसे
भी बड़ा मंदिर मुंबई में है और उससे
भी बड़ा मंदिर मथुरा में हो गया है भगवान कृष्ण
की छाती पर । और वहाँ धुआँधार
चढ़ावा आता है । .
कृपया ISKCON और इस तरह
की सभी लुटेरी संस्थाओँ का प्रबल विरोध
करके देश को लुटने से बचाने में अपना सहयोग दे।
मन्दिरो में दान देने वाले हिन्दू भाइ-बहन
सुप्रीम कोर्ट की ये न्यूज़ पढ़े....
आप सोचते हैं कि मन्दिरों में किया हुआ दान,
पैसा/सोना,..इत्यादि हिन्दू धर्म के उत्थान के
लिए काम आ रहा है ओर आपको पुन्य मिल
रहा है तो आप निश्चित ही बड़े भोले... हैं।
कर्नाटक सरकार के मन्दिर एवं पर्यटन विभाग
(राजस्व) द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार
1997 से 2002 तक पाँच साल में कर्नाटक
Congress सरकार को राज्य में स्थित
मन्दिरों से
“सिर्फ़ चढ़ावे में” 391 करोड़ की रकम प्राप्त
हुई, जिसे निम्न मदों में खर्च किया गया-
1) मुस्लिम मदरसा उत्थान एवं हज
मक्का मदिना सब्सिडी, विमान टिकट – 180
करोड़ (यानी 46%)
2) ईसाई चर्च को अनुदान (To convert poor
Hindus into Christian) – 44 करोड़
(यानी 11.2%)
3) मन्दिर खर्च एवं रखरखाव – 84 करोड़
(यानी 21.4%)
4) अन्य – 83 करोड़ (यानी 21.2%)
कुल 391 करोड!!!!!
ये तो सिर्फ एक राज्य का हिसाब हैं....
सबसे अमीर- तिरुपति बालाजी,
शिर्डि साइबाबा, ये दोनों मन्दिर Congress
के कब्जे में है.... हर रोज हजारों करोड़ों पैसा/
सोना दान ...सच हिन्दुओं
को ही पता नहीं चलेगा...
भगवत् गीता मे भगवान ने बताया हैं कि दान देते
वक्त अपनी विवेक बुद्धि से दान दे...ताकि वह
समाज/देश की भलाई में इस्तेमाल हो,
नहीं तो दानि पाप का ही भागीदार है....
हिन्दुओं के पैसों से, हिन्दुओं के ही विनाश
का षड्यंत्र ६० साल से चल रहा है, ओर यह
सच्चाई हिन्दुओं को पता ही नहीं....
कृपया अधिक से अधिक हिन्दुओ को भेजे
तथा उन्हें जागरूक करें ।

अगला लेख: वंदे गौमातरम साथियों........



सच बात है ॥ इस समय लोग भक्ति की आड़ मे भी जम के लूट रहे हैं ।

बहुत अच्छा लिकः हैं सकहि हैं मैं तो इन मंदिरों में जाता नहीं हुईं डेल्ही का मंदिर मेरे घर से केवल एक किलोमीटर हैं ई

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