सुविचार

28 जनवरी 2015   |  बिकाश पाण्डेय   (1199 बार पढ़ा जा चुका है)



बुद्धिमान व्यक्ति दुसरो की गलती से सीखते हैं .
ज्ञानी वयक्ति विवेक से सीखते हैं,सामान्य व्यक्ति अनुभव से,अज्ञानी व्यक्ति आवश्यकता से और पशु स्वाभाव से .
यदि आपका ह्रदय ईमान से भरा है तो एक दुश्मन क्या,सारा संसार आपके सामने हथियार डाल देगा .
क्रोध एक पागलपन है जिससे सत्संकल्पो का विनाश होता है .
आलस्य दरिद्रता का मूल है - यजुर्वेद
मनुष्य का प्रयत्न व परिश्रम हीं उनके भाग्य एवं भविष्य का निर्माण करता है .


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sunil kumar gupta
08 अप्रैल 2015

जीवन जीना है तो दर्पण की तरह जीओ.,
जिसमें स्वागत सभी का हो,
पर संग्रह किसी का ना हो !

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