नववर्ष मंगलमय हो

25 दिसम्बर 2015   |  वैभव दुबे   (570 बार पढ़ा जा चुका है)

नववर्ष मंगलमय हो


शब्दनगरी के सभी सदस्यों और पाठकों को

 नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाये

मित्रों मेरी ये कविता और भी अन्य कविताएँ

दिनांक 31-12-2015 को शाम 9.30pm

पर आकाशवाणी छतरपुर के 675 kHz से मेरी 

ही आवाज में प्रसारित होगी ...अवश्य सुनें

धन्यवाद..



नूतन आस हो,दृढ विश्वास हो,खुशियों से हो सामना।

नववर्ष  मंगलमय हो  आपका बस  यही  है कामना।


नवप्रभात,नवचेतना से नवजीवन मधुर गुंजार दे।

पुष्प पग-पग  में बिछे  ये  संसार सारा  प्यार दे।


सुख ,समृधि , तेज़ प्रखर को कर  जोड़ कर थामना।

नववर्ष  मंगलमय हो  आपका बस  यही  है कामना।


नवीन जिज्ञासाओं को सरल,सहज,साकार कर।

मार्ग दुर्लभ है मगर तू बाधाओं को पार कर।


विश्वास हृदय में भरो,करो कठिनाइयों का सामना।

नववर्ष  मंगलमय हो  आपका बस  यही  है कामना।


सुख-शान्ति,सयंम,स्नेह,सभी से सहानुभूति हो।

विविध,"विशेष"वैभव मिले और विजय की अनुभूति हो।


कार्य के असफल होने की न रहे कोई सम्भावना।

नववर्ष  मंगलमय हो  आपका बस  यही  है कामना।


                                   वैभव दुबे

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