लाज है नारी का गहना ,इसका मत व्यापार करो

29 जनवरी 2015   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (436 बार पढ़ा जा चुका है)

@लाज है नारी का गहना,इसका मत व्यापार करो@
********************************************************
नारी जिस्म-फ़रोशी का , बन्द यह बाजार करो ।
लाज है नारी का गहना,इसका मत व्यापार करो ॥
नारी के जिन उरोजों पर,होता शिशुओं का अधिकार।
मिलती है जिनसे उनको,उज्ज्वल पावन जीवन-धार॥
सरे आम उघाड़ कर उनको, न उन पे अत्याचार करो।
लाज है नारी का गहना, इसका मत व्यापार करो ॥
नारी के पावन अंगों को, मत हथियार बनाओ तुम।
नारी के कुच-कलशों से , न वासना भड़काओ तुम ॥
नारी-तन का बाजार लगा कर,न अस्मत को तार-तार करो।
लाज है नारी का गहना ,इसका मत व्यापार करो॥
चेते नारी, जागे नारी , लाज न कभी छोड़े नारी।
सौदा नही करे शर्म का,चाहे रकम-प्रसिध्दि मिले भारी ॥
श्रद्धा की पात्र बनी रहो तुम ,न वासना का प्रचार करो ।
लाज है नारी का गहना,इसका मत व्यापार का करो ॥


*********************************************************

अगला लेख: उन्नति की ठाना कर



Kokilaben Hospital India
08 मार्च 2018

We are urgently in need of kidney donors in Kokilaben Hospital India for the sum of $450,000,00,For more info
Email: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
WhatsApp +91 779-583-3215

अधिक जानकारी के लिए हमें कोकिलाबेन अस्पताल के भारत में गुर्दे के दाताओं की तत्काल आवश्यकता $ 450,000,00 की राशि के लिए है
ईमेल: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
व्हाट्सएप +91 779-583-3215

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
31 जनवरी 2015
प्
@@@@@@@ प्यार के अजीब रंग @@@@@@@ ************************************************************** समझ में दम हो तो ,हर समस्या का हल निकल जाता है | प्यार में चरम आँच हो तो ,पत्थर दिल भी पिघल जाता है || रही होगी कोई मजबूरी तेरी दिलरुबा की कोई , वरना चाहत के चरम में तो ,हर मित मिल जाता है || पीला चश्मा
31 जनवरी 2015
31 जनवरी 2015
@
@@@@@@@@- नारी- @@@@@@@@ इस दुनिया की शोभा है , इस दुनिया की रौनक है | खुश रखें सदा इसको ,रचा कुदरत ने है जिसको || जिसकी दीवानी सृष्टि सारी,वो नारी है कहलाती | बुझे -बुझे मर्दों का मन ,नारी ही तो बहलाती || घर में पायल खनकाती ,मन का मोर नचवाती | पतली कमर लचकाती ,प्यार में आकर इठलाती || इस दुनिया की श
31 जनवरी 2015
29 जनवरी 2015
कु
सत्ता यानी कुर्सी के बिना एक राजनेता की दशा का चित्रण करता गीत - ************************************************************************ तुम्हे क्या बतलाऊँ ,कुर्सी तुम्हे क्या बतलाऊँ | तेरे बिन ,तेरे बिन ,अपना हाल | कुर्सी तुम्हे क्या बतलाऊँ ,कुर्सी तुम्हे क्या बतलाऊँ | ज्यों अकल बिन इन्सान जिया |ज
29 जनवरी 2015
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x