लाज है नारी का गहना ,इसका मत व्यापार करो

29 जनवरी 2015   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (403 बार पढ़ा जा चुका है)

@लाज है नारी का गहना,इसका मत व्यापार करो@
********************************************************
नारी जिस्म-फ़रोशी का , बन्द यह बाजार करो ।
लाज है नारी का गहना,इसका मत व्यापार करो ॥
नारी के जिन उरोजों पर,होता शिशुओं का अधिकार।
मिलती है जिनसे उनको,उज्ज्वल पावन जीवन-धार॥
सरे आम उघाड़ कर उनको, न उन पे अत्याचार करो।
लाज है नारी का गहना, इसका मत व्यापार करो ॥
नारी के पावन अंगों को, मत हथियार बनाओ तुम।
नारी के कुच-कलशों से , न वासना भड़काओ तुम ॥
नारी-तन का बाजार लगा कर,न अस्मत को तार-तार करो।
लाज है नारी का गहना ,इसका मत व्यापार करो॥
चेते नारी, जागे नारी , लाज न कभी छोड़े नारी।
सौदा नही करे शर्म का,चाहे रकम-प्रसिध्दि मिले भारी ॥
श्रद्धा की पात्र बनी रहो तुम ,न वासना का प्रचार करो ।
लाज है नारी का गहना,इसका मत व्यापार का करो ॥


*********************************************************

अगला लेख: उन्नति की ठाना कर



Kokilaben Hospital India
08 मार्च 2018

We are urgently in need of kidney donors in Kokilaben Hospital India for the sum of $450,000,00,For more info
Email: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
WhatsApp +91 779-583-3215

अधिक जानकारी के लिए हमें कोकिलाबेन अस्पताल के भारत में गुर्दे के दाताओं की तत्काल आवश्यकता $ 450,000,00 की राशि के लिए है
ईमेल: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
व्हाट्सएप +91 779-583-3215

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
31 जनवरी 2015
नी
@@@@@@@@@ नीति की बातें @@@@@@@@@ ***************************************************************** सत्य,सेहत और सिध्दान्तों से ,समझौता नहीं करना चाहिए | जितना हो सके हम को ,दुख दूजों के हरना चाहिए || देश हित के लिए सदा ,काम हमें करना चाहिए | सही पथ पर चलते हुए ,हमें नहीं डरना चाहिए || सन्तुलित और स
31 जनवरी 2015
31 जनवरी 2015
सत्ता यानी कुर्सी के बिना एक राजनेता की दशा का चित्रण करता गीत - ************************************************************************ तुम्हे क्या बतलाऊँ ,कुर्सी तुम्हे क्या बतलाऊँ | तेरे बिन ,तेरे बिन ,अपना हाल | कुर्सी तुम्हे क्या बतलाऊँ ,कुर्सी तुम्हे क्या बतलाऊँ | ज्यों अकल बिन इन्सान जिया |ज
31 जनवरी 2015
29 जनवरी 2015
@@@@@ सपनों में आ जाना तुम @@@@@ ******************************************************* "नाज"पर हो नाज मुझको ,ऐसा साज बजाना तुम | तुम आज यह क्या जानो ,कितना बड़ा खजाना तुम || जब जरुरत पड़े मुझको तो ,सपनों में आ जाना तुम | बस कर के मेरे दिल में ,नहीं लौट के जाना तुम || मेरे साथ मीठे सुर में , गीत प्रे
29 जनवरी 2015
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x