एक दिन मानेगा तुझे,ये सारा संसार

31 जनवरी 2015   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (148 बार पढ़ा जा चुका है)

@@एक दिन मानेगा तुझे,ये सारा संसार@@
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पवित्र तुम्हारा प्यार है ,पवित्र तुम्हारे विचार |
एक दिन मानेगा तुझे ,ये सारा संसार ||
अभावों के रेगिस्तान में ,तुम मीठा जल बनो |
दबी-कुचली नार का , तुम मजबूत सम्बल बनो ||
देश की हर समस्या का ,तुम सटीक हल बनो |
भारत के इस वर्तमान का ,तुम सुनहरा कल बनो ||
अपने प्यार -पराक्रम से ,तुम बदलो समय की धार |
एक दिन मानेगा तुझे ,ये सारा संसार ||
हाड़ी रानी जैसी बन ,नारी की तुम शान बनो |
तुम हो लता की वशंज ,उसकी मीठी तान बनो ||
तुम हो भारत की बेटी , उसकी तुम पहचान बनो |
गाये जिसे हर भारतवासी ,तुम ऐसा गान बनो ||
अपने बल से मचादो तुम, दुष्टों में हाहाकार |
एक दिन मानेगा तुझे ,ये सारा संसार ||
भामाशाह का दान बनो तुम , पन्ना का बलिदान बनो तुम |
जन -जन की जान बनो तुम , भारत देश की शान बनो तुम ||
सद गुणों की खान बनो तुम, हर देश की मेहमान बनो तुम |
जिसे पूजे सारी जनता ,ऐसा नवभगवान् बनो तुम ||
अपने ईमान की शक्ति से ,तुम भगा दो भ्रष्टाचार |
एक दिन मानेगा तुझे ,ये सारा संसार ||
ऐसा नाम कमाओ तुम ,दुनिया में छा जाओ तुम |
जनता को जगाओ तुम ,सम्पूर्ण क्रान्ति लाओ तुम ||
पाक अधिकृत कश्मीर में, तिरंगा फहराओ तुम |
अपने असीम पराक्रम से ,चीन को थर्राओ तुम ||
मेरे सारे सपनो को ,कर दो तुम साकार |
एक दिन मानेगा तुझे ,ये सारा संसार ||
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