एक इंसान की परिभाषा तो दी नहीं जा सकती,लोग ईश्वर को परिभाषित करने चलते हैं। कहने को तो उन्हें अंतरयामी कहते हैं,परन्तु बातें बनाने की कसर नहीं छोड़ते हैं।।

05 फरवरी 2015   |  ॐ गुरु   (682 बार पढ़ा जा चुका है)


अगला लेख: ॐ के शारीरिक लाभ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
03 फरवरी 2015
सौ
सौ गुना आनंद.....
03 फरवरी 2015
31 जनवरी 2015
SCINCE OF HUMAN BODY
31 जनवरी 2015
04 फरवरी 2015
04 फरवरी 2015
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x