देख असर ये होली का

09 मार्च 2016   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (146 बार पढ़ा जा चुका है)

######## देख असर ये होलीका ########

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गूँज रहा है स्वर फिजा में, होली की ठिठोली का ।

घाव भरने लगा है मानो,कड़वे बोल की गोली का ॥

रंग बदल रहा है मौसम , गौरी सूरत भोली का ।
छायी बहार हर चमन में ,देख असर ये होली का ॥
गीत गूँजने लगा कानों में, मस्तानों की टोली का ।
होने लगा दिल पे असर , हमजोली की बोली का ॥
रंग भरी फुव्वारों से , रंग बदला है चोली का ।
लगने लगा जेठ भी देवर, देख असर ये होली का ॥
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