बुरा न मानों होली है.....जोगीरा सररररर..........

12 मार्च 2016   |  महातम मिश्रा   (349 बार पढ़ा जा चुका है)


बुरा न मानों होली है.....जोगीरा सररररर..........


होली में हुड़दंग मिला है, जश्न धतूरा भाँग.....

रंग गुलाबी गाल लगा है, खूब चढ़ा बेईमान.....जोगीरा सररररर


झूम रहा है शहर मुहल्ला, खाय मगहिया पान

गली गली में शोर मचा है, माया की मुस्कान......जोगीरा सररररर


जोर-शोर से हर सेंटर पर है हल्ला इम्तहान

बाप सिखाए अकल नक़ल की बेटा बने महान.....जोगीरा सररररर


मंहगाई बेचारी गाली सुन सुन हुई बदनाम

बोरा बोरा रुपया लेके कितने हुए पहलवान.....जोगीरा सररररर


कैसी कैसी आंधी आई कैसे कैसे तूफ़ान

पंख लगा है आंदोलन को उड़ता हुआ गुमान.....जोगीरा सररररर


जौहर देखो गौहर देखो देखो नए नादान

नई नई बोली कविता की देखो बुद्धिमान........जोगीरा सररररर


देश बड़ा है संसद बोले बोल उठा हिंदुस्तान 

नौनिहाल हर बच्चा बोले सैनिक पूत महान........ जोगीरा सररररर


विद विहीन अधूरी शिक्षा कुसंगति अपमान

कबहूँ न साथी हो जगत तिल मासा अभिमान........जोगीरा सररररर


बैर बुराई रोष जला ले होलिका संग सुजान

चाहत के छिटके रंग मिला ले नई नई दूकान........जोगीरा सररररर


कीचड़ खुद ही उछलता गन्दगी लिए गिरेबान

कलम आदर्श पर चल करती है सबका सम्मान.....जोगीरा सररररर


 महातम मिश्र 

अगला लेख: "गीत- नवगीत"



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 फरवरी 2016
"
आज का छंद है मत्तगयंद/मालती सवैया 211 211  211  211  211 211 211  22"मत्तगयंद/मालती सवैया"मोहन मान बिना कब आवत नाचत मोर घना वन राचेंचातक जाचक देखत है रुक मांगत है घर पावस बांचे।।बोलति बैन न बांसुरि रैन नहीं दिन चैन कहां मन पाएहे मन मोहन आपहि राखहु मांगत हूँ कर जोर लजाए।।महातम मिश्रएक प्रयास आप सभी क
27 फरवरी 2016
02 मार्च 2016
"
“कुंडलिया”चहक चित्त चिंता लिए, चातक चपल चकोर ढेल विवश बस मे नहीं, नाचत नर्तक मोर नाचत नर्तक मोर, विरह में आँसू सारे पंख मचाए शोर, हताशा ठुमका मारे कह गौतम कविराय, बिरह बिना कैसी अहकतोर मोर नहि जाय, तज रे मन कुंठित चहक़॥महातम मिश्र (गौतम)
02 मार्च 2016
16 मार्च 2016
"
"मत्तगयंद/ मालती सवैयाजा मत छोड़ मकान दलान मलाल जिया मत राखहु स्वामीधीरज धारहु आपुहि मानहु जानहु मान न पावत नामी।।खोजत है मृग राखि हिया निज आपनि कोख सुधा कस्तूरीपावत नाहि कुलाच लगाय लगाय जिया जिय साध अधूरी।।शौक श्रृंगार तजौ पिय आपनि भोग विलास अधार न सांईमोह मया तजि आस भरो मन रेत दिवाल कहाँ लगि जाई।।न
16 मार्च 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
29 फरवरी 2016
"
03 मार्च 2016
18 मार्च 2016
"
15 मार्च 2016
"
03 मार्च 2016
"
15 मार्च 2016
29 फरवरी 2016
18 मार्च 2016
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x