बुरा न मानों होली है.....जोगीरा सररररर..........

12 मार्च 2016   |  महातम मिश्रा   (373 बार पढ़ा जा चुका है)


बुरा न मानों होली है.....जोगीरा सररररर..........


होली में हुड़दंग मिला है, जश्न धतूरा भाँग.....

रंग गुलाबी गाल लगा है, खूब चढ़ा बेईमान.....जोगीरा सररररर


झूम रहा है शहर मुहल्ला, खाय मगहिया पान

गली गली में शोर मचा है, माया की मुस्कान......जोगीरा सररररर


जोर-शोर से हर सेंटर पर है हल्ला इम्तहान

बाप सिखाए अकल नक़ल की बेटा बने महान.....जोगीरा सररररर


मंहगाई बेचारी गाली सुन सुन हुई बदनाम

बोरा बोरा रुपया लेके कितने हुए पहलवान.....जोगीरा सररररर


कैसी कैसी आंधी आई कैसे कैसे तूफ़ान

पंख लगा है आंदोलन को उड़ता हुआ गुमान.....जोगीरा सररररर


जौहर देखो गौहर देखो देखो नए नादान

नई नई बोली कविता की देखो बुद्धिमान........जोगीरा सररररर


देश बड़ा है संसद बोले बोल उठा हिंदुस्तान 

नौनिहाल हर बच्चा बोले सैनिक पूत महान........ जोगीरा सररररर


विद विहीन अधूरी शिक्षा कुसंगति अपमान

कबहूँ न साथी हो जगत तिल मासा अभिमान........जोगीरा सररररर


बैर बुराई रोष जला ले होलिका संग सुजान

चाहत के छिटके रंग मिला ले नई नई दूकान........जोगीरा सररररर


कीचड़ खुद ही उछलता गन्दगी लिए गिरेबान

कलम आदर्श पर चल करती है सबका सम्मान.....जोगीरा सररररर


 महातम मिश्र 

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