"दोहा मुक्तक"

15 मार्च 2016   |  महातम मिश्रा   (110 बार पढ़ा जा चुका है)

शीर्षक शब्द -नदी/नदिया /दरिया /जलधारा आदि 

"दोहा मुक्तक"


नदी सदी की वेदना, जल कीचड़ लपटाय

कल बल छल की चाहना, नदिया दर्द बहाय

जलधारा बाधित हुई, दरिया दुर्गम राह

कैसे बिन पानी दई, वंश वेलि बढ़िआय।।


महातम मिश्र

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