कोई नग्मा...

30 मार्च 2016   |  ओम प्रकाश शर्मा   (131 बार पढ़ा जा चुका है)

कोई नग्मा...

अपने लिए

सभी जीते हैं, 

ये कोई जीना है ? 

औरों की खातिर

कोई नग्मा

प्यार से गाते रहिये !

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यु ही कोई नग्मा गुनगुनाते रहिये ....बहुत सुन्दर भैया

यु ही कोई नग्मा गुनगुनाते रहिये ....बहुत सुन्दर भैया

सुरेश
14 जून 2017

बहुत अच्छा है

उषा यादव
02 अप्रैल 2016

बहुत सुन्दर !

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