माँ

08 मई 2016   |  कुमार रोहित राज   (138 बार पढ़ा जा चुका है)

मां पर कुछ पंक्तिया जो मैने लिखी__

एक कागज की पूरी तरह निशानी मिट गई ,

बस कागज पर लिखे शब्द मां की स्याही बच गई।

जला दी पुस्तकालय की सारी पुस्तके ,

जलकर राख हो गई ।

भूल से जल गया मां लिखा हुआ शब्द 

धुएँ मे माँ की तस्वीर बन कई।

हम बडे सुख से सोते थे,सपने देखने के लिए 

मां सारी रात जागती थी,हमे सोता हुआ देखने के लिए 

#motherdayspecial

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माँ में भगवान् इसीलिए होता है मेरे भाई

बिल्कुल रवि भाई

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