ये तू ने क्या किया (शायरी)"दर्दीला-इश्क"पुस्तक

14 जून 2016   |  अवनीश कुमार मिश्रा   (202 बार पढ़ा जा चुका है)

बेदर्द था मैं उसने दर्द दे दिया ,
जब तक दर्द सह सका ,
तब तक दर्द सह लिया
इक दिन जब दर्द ने मार दी ठोकर ,
मुख से यकायक निकल पड़ा ,
बेवफा ये तूने क्या किया |

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