मानसूनी हाइकु़

16 जून 2016   |  डाॅ कंचन पुरी   (122 बार पढ़ा जा चुका है)

मानसूनी हाइकु़

1. 

आंधी की तेजी

बादलों की गर्जना

मानसून आ।

२.

मेघ गरजे

अम्मा बोल उठी

आ देख वर्षा।

3. 

बारिश होते 

अनोखी  सरगम 

खिली  हैं बाछें 

4. 

तूफान देख

मांझी लगा किनारे

चिंता घर की।

5. 

जून की तपस

खारी बूंदें लुढ़कीं

सूखता गला।

6. 

वर्षा रुके ना

लबालब सड़कें

प्रजा हैरान।

7. 

दरकते पेड़

बता रहे कहानी

आया तूफान।

8. 

बारिश बंद

उग पड़ा सूरज

इन्द्रधनुष।

9.

यज्ञ-प्रार्थना

बादल उमड़ते

मात्र प्रतीक्षा।


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