एकता

19 जून 2016   |  डाॅ कंचन पुरी   (166 बार पढ़ा जा चुका है)

एकता

जाति एक भ्रान्ति है-

मानव को मानव से तोड़ने की, 

मानवता से मोड़ने की, 

भेदभाव से जोड़ने की। 

यह सार्वभौमिक सत्य है-

हर धमनी में दौड़ता खून लाल है। 

समानता की सबसे बड़ी मिसाल है। 

सर्वधर्म, समभाव की भावना 

यह होगी सबकी कामना 

तब वो दिन दूर न होगा- 

जब एकता के वटवृक्ष उगेंगे 

शान्ति के दीपक जलेंगे 

और इस जाति नामक भ्रान्ति से

हम सब मुक्त होंगे। 

अगला लेख: शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाएं-6



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
24 जून 2016
1. प्राभृतक   क-नजर, रिश्वत ख-विरोध ग-शत्रु 2. प्रियंवद क-अपना  ख-मधुरभाषी ग-प्यार  3. प्रेक्षक क-दर्शक   ख-पठनीय  ग-पृच्छक 4. प्रेमोन्मत्त     क-प्रेम ख-प्रेमी ग-प्रेम में पागल उत्तर 1. क   2. ख 3. क 4. ग
24 जून 2016
14 जून 2016
1. प्रमादीक-पागल/लापरवाहख-आलस्य ग-बुरा2. प्रमिताशनक-प्रतिमा सदृशख-नपातुला भोजन ग-मूर्ति3. प्रमुक्तिक-मुक्ति/मोक्षख-विश्वास, ग-छोड़ना4. प्रयासी         क-प्रयास ख-कर्मग-प्रयास करने वालाउत्तर 1. क 2. ख 3. क 4. ग
14 जून 2016
15 जून 2016
प्राय: ऐसा होता है कि जब हम काम आरम्‍भ करते हैं तो बड़े उत्‍साह से करते हैं। किन्‍तु ज्‍यों-ज्‍यों उस कार्य में आगे बढ़ते हैं, त्‍यों-त्‍यों उत्‍साह में कमी आने लगती है, लगन शिथिल पढ़ने लगती है। ऐसा क्‍यों है, कभी आपने सोचा। ऐसा आत्‍मचिन्‍तन के अभाव में होता है। निज किए हुए कार्यों का चिन्‍तन करने व
15 जून 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x