देशवा के नेता जी (व्यंग)

21 जून 2016   |  अवनीश कुमार मिश्रा   (150 बार पढ़ा जा चुका है)

देश में इस समय हाहाकार मचा हुआ है लेकिन सभी लोग इसे नहीं समझ हे कि ये नेता जी की कुलबुलाहट ही कल से जनता के बीच आने वाली है बड़ी -बड़ी बातें करेंगें ,चुनाव जीतेंगें ,फुर्र से उड़ जाऐंगे |क्योंकि अब आगे यूपी सहित कईं राज्यों में चुनाव जो है लेकिन जनता का भला हो या अनभला उन्हें क्या करना |उन्हें तो सिर्फ वोट चाहिए|चाहे जैसे मिले |वे तो कुत्तों जैसा जैसा लगे रहते हैं चुनाव के समय जनता को अपना मालिक बनाकर |बाद में उन्हीं को भौंकते हैं कुत्ते के जितना भी वफादार नहीं होते हैं|

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