जवानी में (शायरी)"दर्दीला-इश्क"पुस्तक

21 जून 2016   |  अवनीश कुमार मिश्रा   (457 बार पढ़ा जा चुका है)

तेरे प्यार में मरता रहा मैं ,तेरे इश्क के लिए तड़ता रहा मैं , तूने मेरे प्यार को मार दिया ठोकर , भरी जवानी में तड़पता रहा मै |

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