योग

22 जून 2016   |  मनोज सिंह   (123 बार पढ़ा जा चुका है)


योग को धर्म से ना जोडें - मोदी 
आज अखबार में कुछ इसी तरह की हेडलाइन है !अधिकांश सेक्युलर बाबा भी यही ज्ञान बांट रहे हैं !आप लोग ये सब कह के क्या करना चाह रहे हैं ? किसे समझाना चाह रहे हैं ? जिसे समझना नहीं है ! जिसे समझने की मनाही है ! जहां नासमझना ही धर्म बना दिया गया है ! जिससे नासमझों का झुंड बना रहे और वे कुछ धूर्तों द्वारा जब जहां जैसे चाहें हांके जा सकें !जबकि सच ये है ,जो आप भी जानते हैं की योग का सम्बन्ध धर्म से हो ना हो ,सनातन संस्कृति से जरूर है ! ये ऋषि मुनि के वर्षों के चिंतन मनन का निचोड़ है ! तपस्वियों के तप का फल है ! ये जीवन दर्शन है ! ये ज्ञान का वो अमृत है जो मुफ्त उपलब्ध है ! हर वक्त हर जगह ! बिना किसी प्रयास के आसानी से मिल सकता है ! ये प्रकृति का वो प्रसाद है जो ईश्वर ने हमें दिया है ! ये हमारे पास है हमारे साथ है ! बस इसका सदुपयोग करना है ! ये वो जीवन पद्धति है जो हमारी ही शक्तियों को हमसे पहचान करवाती है, और हम उसे जान पाते हैं समझ पाते हैं ! ये आत्मा को जागृत करती है और निष्क्रिय शरीर में प्राण फूंक देती है ! ये वो चरणामृत है जिसमे सभी प्राकृतिक औषधी के तमाम गुण विद्यमान हैं ! 
आप इस सत्य को बतलाइये की जब योग की उत्पत्ति हुई तब कोई धर्म नहीं था,अगर था भी तो सिर्फ एक था मानव धर्म और जिसका एक ही उद्देश्य था मानव कल्याण ! और सरल भाषा में समझाना है तो सीधे सीधे तथ्यों के साथ उदाहरण देकर बतलाइये की इसके क्या क्या फायदे हैं !जैसे कि इससे मोटापा रक्तचाप मधुमेह आदि कई बीमारी नियंत्रित हो सकती हैं , नई बीमारी नहीं आती ! तनाव दूर शरीर निरोग तो व्यक्ति स्वस्थ संतुलित सुखी होता है ! यह इतना लाभदायी है की सभी धर्मो की पूजा पद्धति में किसी ना किसी रूप में है !यह आपके धर्म में भी होगा, बस उसे जरूरत के हिसाब से और अधिक व्यवस्थित करने की आवश्यकता है !अब जो योग करना चाहेगा करेगा,जो बीमार है वो करेगा, जिसे स्वस्थ रहना है, जिसे मन को शांत कुशल चित्त समभाव रखना है वो जरूर करेगा,अमीर-गरीब करेगा,आदमी औरत बच्चे सब करेंगे,क्योंकि आखिरकार सभी मानसिक-शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना चाहते हैं ! उनके धर्म का ठेकेदार रोकेगा तब भी करेगा ,कमजोर-डरपोक होगा तो छिप के करेगा ! नहीं कर पाएगा तो मन में इच्छा पालेगा और मौका मिलते ही करेगा !फिर चाहे आप उपरोक्त कथन कहे या ना कहे ,वो जरूर करेगा !फिर जिसे नहीं करना है उनके लिए हम क्यों परेशान हों ,उन्हें बीमार रहने दिया जाए,जब उसकी आंख खुलेगी,वो तब करेगा ! 
जानता हूँ, सच सीधे सीधे बोलना मुश्किल काम है, खासकर एक नेता के लिए !लेकिन आप तो भिन्न हैं !सच बोलेंगे तो अधिक प्रभावशाली होंगे और अधिक पसंद किए जाएंगे! योग को सनातन संस्कृति से ना जोड़ कर आप योग की महानता ,सम्पूर्णता और जीवन के विराट स्वरूप के साथ उसकी निरंतरता को रोक रहे हैं !आधुनिक काल का मानव प्यासा बीमार भ्रमित अशांत है,वो अज्ञानी भटक रहा है,विश्व आतंक और भोगवाद से जूझ रहा है,इन सब का समाधान सनातन संस्कृति में है !आप तो राजयोगी से अधिक कर्मयोगी और भक्तियोगी हैं !योग के माध्यम से विश्व को सनातन संस्कृति के जीवन दर्शन से लाभान्वित होने दीजिये ! इस आध्यात्मिक प्रकिया से गुजर कर खुद को पहचानने दीजिये !और इस तरह से भारत को विश्वपटल पर नेतृत्व करने का माध्यम बनिए !









अगला लेख: लाइक



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 जून 2016
दे
देश वासी देश की तरक्कीमे सहयोग करें ============================आरक्षण जैसी कई बीमारिया की वजह से टीना डाभी पास हुई और अंकित श्री वास्तव फेल जो की अंकित कोsahyog तिनसे ज्यादा मार्क्स है ३५ मार्क ज्यादा लेकिन अंकित को आरक्षण व्यवस्ताने फेल करदिया और तिनको पास , ये बिमारिकि जड़ देश में डालने वाला नहेरु
23 जून 2016
08 जून 2016
बॉ
हैदर फिल्म याद है , बिलकुल एक तरफ़ा , इसमें डायरेक्टर की स्वतंत्रता से अधिक उसकी उच्छृंखलता नजर आयी थी ! ये बॉलीवुड वाले क्या और क्यों बेचते हैं अब समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है ! खान से लेकर भट्ट कैम्प की मानसिकता जग जाहिर है ! फिल्मों ने हिन्दुस्तान की संस्कृति से लेकर इतिहास को किस हद तक नुक्सान प
08 जून 2016
21 जून 2016
करो योग रहो निरोग
21 जून 2016
15 जून 2016
मै
" सर,ये गोपाल जी ने ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री से इस्तीफा क्यों दिया ?"स्वास्थ्य कारणों से !"मगर सर दूसरे विभाग के मंत्री तो वो अब भी बने हुए हैं , वहाँ काम के लिए स्वास्थ्य की जरूरत नहीं है क्या ?"इस तरह से सवाल तो नहीं पूछना था , कौन से चैनल या पेपर के हो ?"क्या मतलब सर ?" क्यों ऐड नहीं मिला क्या ? "
15 जून 2016
20 जून 2016
यो
उसका नाम है रामदीन. वह भी ''योगासन'' करना चाहता है पर अभी वह ''भूख-आसन'' का शिकार है. उसे देख कर यह कविता बनी  -भूखे को रोटी भी दे दो,फिर सिखलाना योग .बड़ा रोग है एक गरीबी, चलो भगाएं रोग.खा-पीकर कुछ अघा गए हैं, अब सेहत की चिंता जो भूखे हैं उन लोगो को कौन यहां पर गिनता। पहले महंगाई से निबटो, भ्रष्टाचा
20 जून 2016
29 जून 2016
ती
पिछली बार, कब आपने रसोई में चुपचाप जाकर,अपनी जीवन-संगिनीं का अचानक धीरे से चुंबन लिया है ? कब आपने शेविंग -टूथब्रश करते अपने जीवन साथी को, पीछे से बिना झिझक अनायास मगर कसकर आलिंगन किया है? प्रेमभरी कोई भी शरारत क्या आप अब भी करते हैं ? शादी के बाद कुछ दिनों तक तो शायद ऐसा कुछ हुआ हो मगर फिर धीरे धीर
29 जून 2016
21 जून 2016
करो योग रहो निरोग
21 जून 2016
05 जुलाई 2016
व्
योग दिवस तो एक दिन आता है और चला जाता है किन्तु अपने यहाँ रोज योगासन जारी रहता है। गुंडे 'गुंडासन' कर रहे हैं, 'रेपासन' उनका प्रिय आसन है। पुलिस वाले 'डण्डासन' कर रहे हैं. टीवी चैनल वाले 'ऐडासन' (उर्फ़ विज्ञापनासन) में लगे हैं. कुछ व्यापारी 'लूटासन' कर रहे हैं. नेता 'झूठासन' वे व्यस्त हैं।  सरकार 'कर
05 जुलाई 2016
21 जून 2016
करो योग रहो निरोग
21 जून 2016
05 जुलाई 2016
व्
योग दिवस तो एक दिन आता है और चला जाता है किन्तु अपने यहाँ रोज योगासन जारी रहता है। गुंडे 'गुंडासन' कर रहे हैं, 'रेपासन' उनका प्रिय आसन है। पुलिस वाले 'डण्डासन' कर रहे हैं. टीवी चैनल वाले 'ऐडासन' (उर्फ़ विज्ञापनासन) में लगे हैं. कुछ व्यापारी 'लूटासन' कर रहे हैं. नेता 'झूठासन' वे व्यस्त हैं।  सरकार 'कर
05 जुलाई 2016
09 जून 2016
सो
कोई कुछ भी कहे मगर सोशल मीडिया ने समाज में उथल पुथल मचा रखी है , विश्वास नहीं होता तो इनसे पूछिए .... १) पत्रकार और मीडिया - ख़बरों के बाजार में इनकी अकेली दुकान  थी  जिसमे झूठ मनमर्जी कीमत पर भी बिक जाता था ! अब ये दुकान  बंद होने के कगार  पर है !२)लेखक और लेखन - विशेष कर हिन्दी में अब तक लेखन के ना
09 जून 2016
18 जून 2016
😂झूठ बोलना …बच्चों के लिए … पाप ,,कुंवारों के लिए …. अनिवार्य ,,प्रेमियों के लिए ….. कला ,,और …शादीशुदा लोगों के लिए … शान्ति से जीने का मार्ग होता है....!!""✋ये है इस हफ्ते का साप्ताहिक ज्ञान।बड़ी मुश्किल से ढूंढ़ कर निकाला है।गीता में लिखना रह गया था।
18 जून 2016
13 जून 2016
चाहे भोजन करने के लिए कुर्सियों का जंग हो या नेताओं के बीच सत्ता का लेकिन कुर्सी का खेल बड़ा ही निराला है कोई मेज के लिए झगड़ा क्यों नहीं करते क्या खास बात है कुर्सी में इसे तो ऐसे ही समझ लेना चाहिए कि आज से ही मोदी क्यों इलाहाबाद जाकर अपनी कुर्सी पक्का करने में जुट गयें हैं |ये दूसरो को बेकार और अप
13 जून 2016
21 जून 2016
यो
योग भारतीय संस्कृति की एक महत्वपूर्ण  वीध्या है. योग से हमारा सर्वांगीण, शरीरिक, मानसिक, बौद्धिक, व्यवहारिक विकास होता है. योग जीवन जीने की कला है, जिसे सीखकर व्यक्ति स्वस्थ रहता है, जीवन में सफल होता है. जीवन दिव्य बनाता है और अपना भाग्य बदलने में सक्षम होता है. योग सर्वांगीण विकास करने वाली कला ह
21 जून 2016
21 जून 2016
करो योग रहो निरोग
21 जून 2016
14 जून 2016
उड़ता पंजाब को देखने के लिए उड़ कर जाने की तो कोई बात ही नहीं लग रही,उलटा पैदल ना जाने के भी कई कारण हैं !ना जाने क्यों फिल्म के ट्रेलर में शाहिद कपूर को देखकर अचानक कश्मीर पर बनी हैदर याद आ गयी जिसमे उसका चरित्र झूठ और एक पक्षीय के साथ साथ वास्तविकता से परे दिखाया गया और अंत तक यही समझ नहीं आता की वो
14 जून 2016
08 जून 2016
मैं अमेरिका के चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प  का सपोर्ट करना चाहूंगा ! और उसके कारण हैं ! सबसे पहला सवाल ,हिलेरी क्या हैं  ? बस , एक और क्लिंटन ! क्या यह वंशवाद नहीं ?  क्या अमेरिका अब तक अपने राष्ट्रपति पद के योग्य एक भी आत्म निर्भर (सेल्फ मेड) और  स्वतंत्र व्यक्तितव वाली नारी को  विकसित  नहीं कर  पाया
08 जून 2016
09 जून 2016
आप की पोस्ट को किसने लाइक किया है कैसे जाने ? दोस्तों की संख्या पर क्लिक करने से दोस्तों के बारे में आना चाहिए
09 जून 2016
11 जून 2016
कै
कुछ एक दोस्त लोग नाराज हैं की कैराना के लिए लिखी अपनी  पिछली  पोस्ट में अपनों को ही क्यों कठघरे में खड़ा कर दिया !  सच ही तो लिखा है,और सच कभी किसी को पसंद आया है क्या ? नहीं ! आइना दिखाया , जिसमे  बदसूरती दिखी और तुम नाराज हो गए ,अब हम कोई आशिक शायर तो हैं नहीं की चाँद और चांदनी की बात करते रहें ! म
11 जून 2016
07 जुलाई 2016
नं
"नंगे से भगवान भी डरता है " कह का आंख बंद कर लेने से क्या नंगा कपड़े पहन लेगा ?नहीं ! बल्कि वो आपके कपड़े भी उतार सकता है !तो नंगे की नंगई का कोई इलाज तो होगा ? है, बिल्कुल है !"लातों के भूत बातों से नहीं मानते " बस ध्यान रहे लात सही जगह पड़नी चाहिए !
07 जुलाई 2016
22 जून 2016
यो
सरकार और सेलिब्रिटी टाइप लोग कह रहे हैं की "योग का कोई मजहब नहीं होता"...इसी प्रकार ये अक्सर कहते हैं की "आतंक का मजहब नहीं होता"...पूरी दुनिया जानती है की दोनों बाते "सफ़ेद झूठ" हैं..आतंकवाद पर बात नहीं करना चाहता क्योंकि पूरा विश्व देख रहा है मगर योग का मजहब है और वो कौन सा मजहब है उसके कुछ साक्ष्य
22 जून 2016
17 जून 2016
ये गूगल के मात्र दो चित्र नहीं , इसमें भविष्य छिपा है ! चीन को अरब सागर होते हुए हिंद महासागर पहुंचना है ! विश्व शक्ति बनने के लिए उसे इसका स्थायी इंतजाम करना है ! और वो कैसे पहुंच रहा है यह पहले मैप में है ! चीन पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर(CPEC) के द्वारा ! कॉरिडोर बोले तो गलियारा-गैलरी, सरल शब्दों म
17 जून 2016
18 जून 2016
बै
 बहस चल रही है की हिन्दी में बेस्ट सेलर क्यों नहीं! प्रासंगिक विषय है और विचारणीय भी !जो इस राह से गुजर रहे हैं वो इसको बेहतर समझ सकते हैं और समझा भी ! अनुभव से प्रमाणिकता आती है ! इसमें कोई शक नहीं की वामपंथी गैंग ने प्रकाशक के साथ मिल कर सिर्फ उसी हिन्दी लेखक को आगे प्रमोट किया जो उन्हें पसंद हों
18 जून 2016
22 जून 2016
अरे नेता जी झाडू और योग नहीं मंहगाई पर ध्यान दीजिए जनता मंहगाई से जूझ रही है और आप नेता लोग मिलकर कभी झाडू लगा रहें कभी योग कर रहे हैं क्या यही है हमारे देश की प्रगति आपने तो चुनाव के वक्त मंहगाई कम करने का वादा किया था लेकिन मंहगाई कम होने के बजाय और बढ़ रही है और आप
22 जून 2016
22 जून 2016
मित्रो प्रस्तुत है एक नवगीतसच ही बोलेंगे-------------------हम अभी तक मौन थे अब भेद खोलेंगेसच कहेंगे सच लिखेंगे सच ही बोलेंगेधर्म आडम्बर हमें कमजोर करते हैंजब छले जाते तभी हम शोर करते हैंबेंचकर घोड़े नहीं अब और सोंयेंगेमान्यताओं का यहॉ पर क्षरण होता है घुटन के वातावरण कावरण होता हैऔर कब तक आश में वि
22 जून 2016
30 जून 2016
कै
इस्तांबुल के एयरपोर्ट में बम धमाका , यह तुर्की में कैराना के एडवांस मॉडल के आगमन की सूचना है ! कैराना के कई मॉडल हैं , पाकिस्तान से लेकर सीरिया तो बांग्लादेश से लेकर इंडोनेशिया ! कैराना नाम नहीं बल्कि प्रतीक है, जो हर शहर हर देश में अलग अलग रूप अलग अलग अवस्था में है ! ये समाजीक व्यवस्था का वो मॉडल ह
30 जून 2016
04 जुलाई 2016
आहार की व्याख्याए कार्य व महत्व        निरोगत्व व आहार का परस्पर संबंध ध्यान में आने के बाद आहार का अर्थ और उसका महत्व देखते हैं। चरकसंहिता में निरोगत्व यह नियोजित आहार, शांत निद्रा एवं संयम इन तीन बिंदुओं पर आधारित है ऐसा कहा गया है। हम जब आहार का विचार करते हैं तब निरोगत्व के केवल एक ही अंग को देख
04 जुलाई 2016
22 जून 2016
यो
सरकार और सेलिब्रिटी टाइप लोग कह रहे हैं की "योग का कोई मजहब नहीं होता"...इसी प्रकार ये अक्सर कहते हैं की "आतंक का मजहब नहीं होता"...पूरी दुनिया जानती है की दोनों बाते "सफ़ेद झूठ" हैं..आतंकवाद पर बात नहीं करना चाहता क्योंकि पूरा विश्व देख रहा है मगर योग का मजहब है और वो कौन सा मजहब है उसके कुछ साक्ष्य
22 जून 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x