अन्धविश्वास का अँधेरा

23 जून 2016   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (122 बार पढ़ा जा चुका है)

@@@@ अन्धविश्वास का अन्धेरा @@@@

**************************************************

दुर्घटना में पलट गयी थी ,एक मारुती कार |

उस काली कार में , मेरा साथी था सवार ||

साथी के एक हाथ में ,गहरी चोट थी आयी |
पास के हॉस्पिटल से उसने,पट्टी थी करवायी ||
शाम को वो साथी घर पर,प्रसाद लेकर आया |
और दुर्घटना में बच जाने का, किस्सा मुझे सुनाया ||
मैं बोला ,मरने से बच गये,यह तो अच्छी बात है |
पर इसमें प्रसाद चढाने की,कौन सी ऐसी बात है ?|
वह बोला,भक्ति-भाव से ,भगवान ने मुझे बचाया है |
इसी ख़ुशी में मैंने आज,सवा मण प्रसाद चढ़ाया है ||
मैं बोला रक्षक था भगवान अगर तो, टक्कर ही क्यों होने दी ?
तुम जैसे भक्त वीर को , इतनी पीड़ा भी क्यों कर दी ? |
तब साथी बोला दुर्गेश तुम, भगवान के पीछे क्यों पड़े हो ?
मैं बोला क्यों कि तुम ,भ्रम को सच समझने पर अड़े हो ||
************************************************************

अगला लेख: अनमोल आजादी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
09 जून 2016
लू
रिश्वत खोरी पर व्यंग करती कविता -लूट की छूट लूट कर यात्रियों को लूटेरों ने ,लौटा दिया सारा धन -माल |सोचने लगे यात्री सारे ,क्या है यह कोई इनकी चाल ?|डर रहे थे सब यात्री ,पर एक बालक बोला करते खाज |डाकू सर प्लीज बताओ , इस दया का क्या है राज ?|डाकू बोला ,यह दया नहीं है ,यह है रिश्वत का सवाल |हर लूट पर
09 जून 2016
17 जून 2016
@@@@@@@@ नकारे नेता @@@@@@@@***************************************************पाचन शक्ति इनकी देख कर ,लगता ये इन्सान नहीं हैं |चारा,कोयला ,खाद यूरिया , इन्सानों का खान नहीं हैं ||इनके बयानों को सुनकर ,लगता इनको ज्ञान नहीं है |हक़ की बातें करते सारे ,कर्त्तव्य की पहचान नहीं है ||कायरता इनकी देख कर ,ल
17 जून 2016
21 जून 2016
@@@@@@@@@@@@@ बहू से बन गयी बेटी @@@@@@@@@@@@@************************************************************************************रोज सुबह घूमने जाने वाले सम्पत जी आज अभी तक सो रहे थे | उनकी बहू ने यह सोचा कि उनकी तबीयत ठीक नही होगी | कमरे की सफाई के दौरान बहू के हाथ से तिपाई पर रखा उनका चश्मा फर्श
21 जून 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x