भारत का नव निर्माण

23 जून 2016   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (245 बार पढ़ा जा चुका है)

राष्ट्र भक्ति से परिपूर्ण कविता - @@@@@@@@भारत का नव निर्माण@@@@@@@@ पाखंडियों की पोल खोले हम ,सज्जनों का हम कल्याण करें | आओ साथियों हम सब मिलकर ,भारत का नव निर्माण करें|| सीमाओं को हम खून से सींचे ,और सींचे खेत पसीने से | दुश्मन को हम धूल चटा दें ,दोस्त को लगाए सीने से || बलात्कारी को बधिया करदे ,भ्रष्ट का बहिष्कार करें | बईमानी को गाड़ दें गहरा , ईमान का सत्कार करें || जाग उठो तुम देशवाशियों ,यह समय नहीं है सोने का | नहीं समय यह जिन्दगी को ,खेल खेल में खोने का || यह समय है गद्दारों को , उनकी औकात बताने का | व भ्रष्ट नेताओं के चंगुल से ,भारत को बचाने का || मत भूलो तुम भगत सिंह की ,कुर्बानी के कर्जदार हो | पति पिता पुत्र के संग ,भारत के सेवादार हो || तुम हो वीर प्रताप के वंशज ,तुम देश के कर्णधार हो | तुम हो इस देश के प्रहरी , तुम जीत का हार हो || नहीं जरुरत देश भक्ति के लिए ,सीमा पर सबको जाने की | और वीर कहलाने खातिर ,दुश्मन की गोली खाने की || जरुरत है देश में जमे हुए ,भ्रष्टों को औकात बताने की| नहीं सहन बेईमानी हमको ,यह बात उन्हें जताने की || चीन -पाक तो हैं विदेशी दुश्मन ,मूल दुश्मन तो देशी है | जो खाता हराम की रोटी ,वो दुश्मन देश का बेशी है || न रखें हम भ्रष्टों से रिश्ता ,उनका पूर्ण बहिष्कार करें | न दें बहिन - बेटी उनको ,न आँखें उनसे चार करें || न दे वोट किसी दागी को ,न उसका कभी सम्मान करे | छोड़ दे भ्रष्ट बेईमानी को , इतना उसे हलकान करें || पाखंडियों की पोल खोले हम ,सज्जनों का हम कल्याण करें | आओ साथियों हम सब मिलकर ,भारत का नव निर्माण करें|| आओ साथियों तन मन धन से ,भारत का शुभ निर्माण करें |

अगला लेख: अनमोल आजादी



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
23 जून 2016
@@@@ अन्धविश्वास का अन्धेरा @@@@**************************************************दुर्घटना में पलट गयी थी ,एक मारुती कार |उस काली कार में , मेरा साथी था सवार ||साथी के एक हाथ में ,गहरी चोट थी आयी |पास के हॉस्पिटल से उसने,पट्टी थी करवायी ||शाम को वो साथी घर पर,प्रसाद लेकर आया |और दुर्घटना में बच जाने
23 जून 2016
22 जून 2016
@@@@@@@@@गलती @@@@@@@@@****************************************************इन्सान है गलती का पुतला ,गलती इन्सान से होती है |इन्सान की पैदाइश भी तो ,'गलती' से ही होती है ||होती नहीं अगर गलती तो ,इन्सान धरती पर नहीं आता |आता भी अगर कहीं तो , शीघ्र मुक्ति पा जाता ||आम इन्सान हर मोड़ पर, गलती करता जाता ह
22 जून 2016
21 जून 2016
@@@@@@@@@@@@@ बहू से बन गयी बेटी @@@@@@@@@@@@@************************************************************************************रोज सुबह घूमने जाने वाले सम्पत जी आज अभी तक सो रहे थे | उनकी बहू ने यह सोचा कि उनकी तबीयत ठीक नही होगी | कमरे की सफाई के दौरान बहू के हाथ से तिपाई पर रखा उनका चश्मा फर्श
21 जून 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x