आटे के भाव का बढ़ना

27 जून 2016   |  मनमोहन कसाना   (233 बार पढ़ा जा चुका है)

आटे के भाव का बढ़ना 


आटे के भाव बढ़ते ही 

आप सब परेशान हो जाते हो ,

में भी परेशान होता हु 

लेकिन कभी किसीने नही पुछा 

क्यों .............................
क्योकि में किसान हु |
आओ में तुम्हें पूछता हु 
क्युकी 
मेरा गेंहू हमेशा
15 के भाव ही बिकता है 
तो क्यों हम लोग भी 
आपस में लेन देन कर लेते है 
क्यों २५ में खरीद हो जनाब |||
मैं किसान बोल रहा हु

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ये तो किसान का धर्म ही नहीं है क़्योंकि वो पालनहार है जी ,

किसान भी क़्यू नहीं हड़ताल कर देनी चाहिए , अनाज नहीं बेचने की

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