न्याय का घंटा

29 जून 2016   |  डाॅ कंचन पुरी   (735 बार पढ़ा जा चुका है)

न्याय का घंटा

    महाभारत में विजयी होकर युधिष्ठिर ने राज्य सत्ता संभाली। सबको समान न्याय मिले, उनके राज्य में कोई दुःखी नह हो इसके लिए उन्होंने ‘न्याय घंटा’ लगवा दिया ताकि प्रत्येक व्यक्ति की फरियाद सुन सकें।

    एक बार एक निर्धन व्यक्ति ने न्याय मांगने के लिए घंटा बजाया। युधिष्ठर राजकाज में व्यस्त थे, उन्होंने नकुल से कहा-‘उस व्यक्ति से कह दो कल आए तभी हम न्याय करेंगे।’

    यह जानकर भीम ने घंटा बजाना शुरू कर दिया। धर्मराज ने भीम को बुलाया और पूछा-‘तुम्हें क्या कष्ट है?’

    भीम ने मुस्काते हुए कहा-‘दादा! लगता है, आपने समय पर विजय पा ली है।’

    युधिष्ठर विस्मित हो बोले-‘कैसी बातें कर रहे हो, समय पर तो कोई विजय नहीं पा सका।’

    भीम बोला-‘आपने उस निर्धन को कहलवाया है कि कल आना। आप बुद्धिमान हैं, बताईए कल क्या कभी आती है? समय एक क्षण भी ठहरता है-क्या? इसलिए जो करना है उसे उसी समय क्यों न कर लिया जाए...?’

    भीम की बात से युधिष्ठिर और सभी सभासद स्तब्ध थे। धर्मराज प्रसन्न होकर बोले-‘भीम! यह मेरी भूल थी, समय तो गतिमान है।’

    उन्होंने तत्काल उस निर्धन को बुलाकर न्याय दिलाया।

अगला लेख: उन्नति



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 जून 2016
जिंदगी   है   इक  झरोखा झांकते रहिये।लक्ष्य  से  भी  अपनी  दूरी  नापते  रहिये। साथ-साथ  चलेंगे तो पा ही लेंगे  मंजिलें। बस एक दूजे के दु:खों को  बांटते रहिये।
27 जून 2016
15 जून 2016
प्राय: ऐसा होता है कि जब हम काम आरम्‍भ करते हैं तो बड़े उत्‍साह से करते हैं। किन्‍तु ज्‍यों-ज्‍यों उस कार्य में आगे बढ़ते हैं, त्‍यों-त्‍यों उत्‍साह में कमी आने लगती है, लगन शिथिल पढ़ने लगती है। ऐसा क्‍यों है, कभी आपने सोचा। ऐसा आत्‍मचिन्‍तन के अभाव में होता है। निज किए हुए कार्यों का चिन्‍तन करने व
15 जून 2016
19 जून 2016
जाति एक भ्रान्ति है-मानव को मानव से तोड़ने की, मानवता से मोड़ने की, भेदभाव से जोड़ने की। यह सार्वभौमिक सत्य है-हर धमनी में दौड़ता खून लाल है। समानता की सबसे बड़ी मिसाल है। सर्वधर्म, समभाव की भावना यह होगी सबकी कामना तब वो दिन दूर न होगा- जब एकता के वटवृक्ष उगेंगे शान्ति के दीपक जलेंगे और इस जाति नाम
19 जून 2016
14 जुलाई 2016
    वास्‍तु प्रचलन में है और वास्‍तु सम्‍मत घर सुख-समृद्धि कारक है। वास्‍तु सम्‍मत घर सभी बनाना चाहते हैं। यदि आप भी अपनाना चाहते हैं पर अपना नहीं पा रहे हैं क्‍योंकि आपका घर तो पुराना है और बना हुआ है। ऐसे में वास्‍तु कैसे अपनाएं।     आप चाहे तो वास्‍तु न अपनाएं पर ईशान का प्रबन्‍धन कर लेंगे तो बहु
14 जुलाई 2016
12 जुलाई 2016
अक्सर जब घर में कमाने वाला एक और खाने वाले अत्यधिक हों तो जो हाल होता है वही हाल सुधीर का था/ उसके अलावा,  परिवार में माता -पिता,एक बेरोजगार भाई, एक अविवाहित बहन और एक तलाकशुदा बहन अपने दो-दो बच्चों के साथ एक ही घर में रहते थे / सभी के खर्च का जिम्मा सुधीर ही उठाता था / पिताजी रिटायर्ड हो चुके थे और
12 जुलाई 2016
20 जून 2016
1. झंझा  क-बहाव  ख-कष्ट   ग-आंधी  2. झक्की क-पागल ख-सनकी ग-विक्षिप्त 3. झलका क-छाला, फफोला   ख-चोट ग-कटा हुआ 4. झांसा       क-मारना ख-दौड़ाना ग-धोखा उत्तर 1. ग  2. ख 3. क 4. ग
20 जून 2016
13 जुलाई 2016
1. झुठकाना   क-झूठ बोलना ख-गोबरग-भ्रम में डालना  2.झौर क-गन्‍दगी  ख-समूह ग-झटका 3. टल्‍लेबाजी  क-बहानेबाजी   ख-कीड़ा ग-झूमना 4. टसुआ     क-टेसू के फूल ख-भारी वस्तु  ग-आंसू  उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
13 जुलाई 2016
04 जुलाई 2016
आलीशान बंगले में एक अंधी महिला ने प्रवेश किया। स्टाफ मे नई सेविका ने उत्सुकतावश हेड से पूछा। "ये कौन है?"स्टाफ हेड - "मैडम के बच्चे चीकू की देखभाल के लिए..."सेविका - "पर ये तो देख नहीं सकती? क्या मैडम या साहब को दया आ गई इस बेचारी पर और कहने भर को काम दे दिया?"स्टाफ हेड - "तुझे साहब लोग धर्मशाला वाल
04 जुलाई 2016
05 जुलाई 2016
हम निज विचारों से ही निज व्यक्तित्व निर्मित करते हैं। यदि हम अपने विचारों को सृजनात्मक व स्फूर्तिमय बना लें तो इससे हम अपना ही निर्माण करेंगे।हमारी इच्छाएं, आवश्यकताएं, भावनाएं और आर्दश हमारे विचार ही तो हैं।विचारों के संयम से ही व्यक्त्वि का संयम होता है। हमारे विचारों की समृद्धि व प्रखरता ही हमारे
05 जुलाई 2016
17 जून 2016
वुडरो विल्‍सन अमेरिका के सर्वोच्‍च पद की शोभा बढ़ाने के अलावा एक विद्वान और सुविचारक भी थे। वे लम्‍बी बीमारी के बाद भी जब स्‍वस्‍थ नहीं हुए तो एक दिन उनके अभिन्‍न मित्र ने उनसे कहा,'मित्र, अब तो शायद आपका समय निकट आ ही गया है।' मित्र की बात सुनकर वुडरो विल्‍सन मुस्‍कराकर बोले,'मेरे प्रिय मित्र, मैं
17 जून 2016
22 जून 2016
उन्नति सभी चाहते हैं लेकिन उन्नति उनको मिलती है जो जीवन में इन पांच सूत्रों को अपनाते हैं-1. अपने क्षेत्र में सदैव ज्ञान के मामले में अद्यतन रहते हैं। 2. आगे बढ़कर काम पकड़ते हैं। 3. जोखिम उठाने से कभी पीछे नहीं हटते हैं।4. काम सदैव पूरा रखते हैं। 5. नए अवसर क़ी ताक में रहते हैं। जो इन पांच सूत्रों क
22 जून 2016
23 जून 2016
डाॅ. केनेथ वाकर ने अपनी आत्मकथा में कहा है-‘आप जितना खाते हैं उसके आधे भोजन से पेट भरता है और आधे भोजन से डाॅक्टरों का पेट भरता है। आप आधा भोजन ही करें तो आप बीमार ही नहीं पड़ेंगे और डाॅक्टरों की कोई खास आवश्यकता नहीं रह जाएगी।’ डाॅ. केनेथ की यह बात अनुभूत है और व्यवहारोपयोगी है। सच में भूख से कम खा
23 जून 2016
16 जून 2016
1. आंधी की तेजीबादलों की गर्जनामानसून आ।२.मेघ गरजेअम्मा बोल उठीआ देख वर्षा।3. बारिश होते अनोखी  सरगम खिली  हैं बाछें 4. तूफान देखमांझी लगा किनारेचिंता घर की।5. जून की तपसखारी बूंदें लुढ़कींसूखता गला।6. वर्षा रुके नालबालब सड़केंप्रजा हैरान।7. दरकते पेड़बता रहे कहानीआया तूफान।8. बारिश बंदउग पड़ा सूरजइ
16 जून 2016
12 जुलाई 2016
ईद का अर्थ ख़ुशी अर्थात खुशियों का पर्व                  डॉ शोभा भारद्वाज जब भी ईद आती है मेरी स्मृति में कुछ यादें उभर जाती हैं| हम कई वर्ष परिवार सहित ईरान में रहे हैं यह शिया बाहुल्य प्रदेश है लेकिन हम खुर्दिस्तान में रहते थे खुर्द सुन्नी मुस्लिम हैं | तीस दिन तक रमजान के महीने में रोजे रखने के बा
12 जुलाई 2016
29 जून 2016
स्वागतम् । राजा ने फ़कीर को देखा । फिर पूछा अपने मंत्री से "ये इतना खुश क्यों दिखता है ?" मंत्री ने कहा " क्योंकि इसे घमंड नहीं है । " " तो क्या घमंड न हो तो इंसान खुश रहेगा ? " " जी । महाराज ।" "तो क्या मैं घमंडी हूँ ?" मंत्री अपनी ही बात में फँस गया । पर वो था चतुर । " पर, महाराज । आप तो दुनिया मे
29 जून 2016
26 जून 2016
सत्य की सड़क मिथ्या की चाैखट पर पहुंचकरमात्र एक गैलरी रह जाती हैऔर शेष भूमि परकविताएं लिख दी जाती हैं,कविताएंजो कभी भी किसी भी सूरत मेंसड्कें नहीं बन सकतीं।प्रशस्ति पत्रों से लिपटी सहमी ग्रामीण दुल्हनों जैसी जीवन भर चक्की पीसती रहती है, रोटियां पकाती रहती है और उधर मिथ्या की काली गैलरी में जेबें काट
26 जून 2016
24 जून 2016
1 सुने न कोई कहा हुआ कथन बुरा लगता2 दुर्गा से आशा नवरात्र में होती मनोकामना 3 प्रभु की याद रखते नहीं सदा उम्‍मीद क्‍यों 4 बुरा कहनाआसान होता यारों अच्‍छा कहो तो
24 जून 2016
23 जून 2016
दे
देश वासी देश की तरक्कीमे सहयोग करें ============================आरक्षण जैसी कई बीमारिया की वजह से टीना डाभी पास हुई और अंकित श्री वास्तव फेल जो की अंकित कोsahyog तिनसे ज्यादा मार्क्स है ३५ मार्क ज्यादा लेकिन अंकित को आरक्षण व्यवस्ताने फेल करदिया और तिनको पास , ये बिमारिकि जड़ देश में डालने वाला नहेरु
23 जून 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x