शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
29 जून 2016
     अनिश्‍चय से सदैव बचें। अनिश्‍चय की स्थिति असफलता को निमन्‍त्रण देती है। अनिर्णय की स्थिति कुछ करने नहीं देती और अवसर यूं ही आंखों के सामने से फुर हो जाता है। होना तो यह चाहिए कि निर्णय लें और काम में लग जाएं। जब तक आप निर्णय नहीं लेंगे तो अनिश्‍चय की स्थिति में रहेंगे।       यह सब जानते हैं कि
29 जून 2016
27 जून 2016
    आज का सुवचन 
27 जून 2016
26 जून 2016
आज का सुवचन 
26 जून 2016
13 जुलाई 2016
1. झुठकाना   क-झूठ बोलना ख-गोबरग-भ्रम में डालना  2.झौर क-गन्‍दगी  ख-समूह ग-झटका 3. टल्‍लेबाजी  क-बहानेबाजी   ख-कीड़ा ग-झूमना 4. टसुआ     क-टेसू के फूल ख-भारी वस्तु  ग-आंसू  उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
13 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
व्यक्तित्व का निर्माण मूल रूप से विचारों पर निर्भर है। चिन्तन मन के साथ-साथ शरीर को भी प्रभावित करता है। चिन्तन की उत्कृष्टता को व्यवहार में लाने से ही भावात्मक व सामाजिक सामंजस्य बनता है। हमारे मन की बनावट ऐसी है कि वह चिन्तन के लिए आधार खोजता है। चिन्तन का जैसा माध्यम होगा वैसा ही उसका स्तर होगा।न
16 जुलाई 2016
13 जुलाई 2016
आज फ्रेंडशिप डे नहीं पर ना जाने क्यों तुम्हे याद करने का बड़ा मन हो रहा । शायद मैं एक बुरा दोस्त हूँ या फिर स्वार्थी या दोनों जो तुम्हारी खबर नहीं लेता । पर यार तुम किस मिट्टी के बने हो जो मेरी आवाज पर दौड़ पड़ते हो । मुझसे जुड़ा हर दिन , समय और जगह तुम्हे आज भी बखूबी याद है और मैं फेसबुक के भरोसे रहता
13 जुलाई 2016
28 जून 2016
आज का सुवचन 
28 जून 2016
13 जुलाई 2016
ते
हर समस्या का समाधान होता है , कहना आसान है मगर असल में कर पाना हर बार उतना भी सरल नहीं होता ! खासकर तब जब वो भीड़ का उन्माद हो या फिर कट्टर धार्मिकता से पैदा किया गया जूनून ! समाधान असम्भव तब हो जाता है जब समस्या जबरन पैदा की गयी हो ! कहा भी जाता है की पागलपन का कोई इलाज नहीं !लेकिन इस चक्कर में किसी
13 जुलाई 2016
26 जून 2016
    आत्महत्या करना कायरता है अब चाहे किसी भी तनाव में हो पर जीवन की जंग तो हार ही गए। इस प्रकार का कायरता पूर्ण कार्य किसी को भी नहीं करना चाहिए। संघर्ष के बाद सफलता है और  रात के बाद दिन है। यह प्रकृति का नियम है जिससे  सृष्टि चल रही है। सुख और दुःख तो आते  जाते रहते हैं।  माता-पिता चाहें तो  अपने 
26 जून 2016
27 जून 2016
    ॐ भूर्भुवः सुवः। ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमिहि। धियो यो नः प्रचोदयात् ।।2।।    जो प्रणव रूप में सच्चिदानन्द परमात्मा भूः, भुवः, स्वः रूप त्रिलोक में संव्याप्त है। समस्त सृष्टि के उत्पादन करने  वाले उन  सवितादेव  के सर्वोत्तम  तेज का  हम ध्यान करते हैं, जो(वे सविता देवता)हमारी बुद्धियों
27 जून 2016
26 जून 2016
     ध्‍ार्म शब्‍द धृत धातु से बना है जिससे तात्‍पर्य है कि धारण करना। नित्‍य अच्‍छा स्‍वाध्‍याय करेंगे यह संकल्‍प लेकर उस नियम का पालन करेंगे तो यह भी धार्मिक होना है। दूजों की सहायता का संकल्‍प लेकर धारण कर लेंगे अौर उस पर चल पड़ेंगे तो यह सहायता करने का धर्म भी आपका हो जाएगा। इस प्रकार आप कितने भ
26 जून 2016
17 जुलाई 2016
1. झाबर      क-तालाब   ख-पोखर   ग-दलदल     2. झिल्लड़  क-पापड़ ख-झीना ग-झिल्ली   3. झीमर  क-मल्लाह ख-कीड़ा    ग-झूमना    4. झुटुंग        क-मल्लाह  ख-भ्रम    ग-जटाधारी   उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
17 जुलाई 2016
02 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
02 जुलाई 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x