काम कोई भी छोटा नहीं होता

09 जुलाई 2016   |  gsmalhadia   (227 बार पढ़ा जा चुका है)

काम कोई भी छोटा नहीं  होता

एक समय की बात है समुद्र के किनारे  मछुआरों की बस्ती में हेमंत नाम का मलाह रहता था वह अपनी कश्ती से यात्रियों को एक किनारे से दुसरे किनारे लाने ले जाने का काम करता था इस काम से उसे ज्यादा पैसे तो मिलते नहीं थे पर दाल रोटी चलती जाती थी उसका परिवार खुश था उसका बड़ा बेटा राहुल भी नाव चलाने का हुनर सीख गया था हेमंत जब भी किसी काम से बजार जाता तो बड़ा बेटा ही कश्ती को संभालता।

एक दिन राहुल की कश्ती में पंडित जी वैद्य जी और अध्यापक महोदय आ बैठे सब विद्वानों ने राहुल को निशाना बना अपनी अपनी विद्या को एक दूसरे की विद्या से श्रेष्ठ बताना शुरू कर दिया।

अध्यापक जी : राहुल तुम्हे पढ़ना लिखना आता है।

राहुल : नहीं महाराज

अध्यापक जी : यदि तुम्हारे पिता जी तुम्हे  पड़ना लिखना सिखाते तो तुम अच्छी जीविका कमा सकते थे।

पंडित जी : राहुल तुम्हे ज्योतिष शास्त्र का ज्ञान है।

राहुल : नहीं महाराज

पंडित जी : अगर तुम्हारे पिता जी यदि तुम्हे इसकी शिक्षा दिलवाते तो तुम अच्छी जीविका और मान सम्मान प्राप्त कर सकते थे ।

इसी तरह वैद्य जी भी

 यदि तुम और अधिक पड़ते तो चिकित्सक बन मान सम्मान के साथ और अधिक जीविका कमा सकते थे

इतने में समुद्र में तेज लहरें उठने लगी तब राहुल ने हाथ जोड़कर कहा हे विद्वान पुरूषो में ठहरा मूर्ख अनपढ़ मुझे मेरे पिता जी ने आपकी तरह महान ज्ञान तो नहीं दिलवाया हां तैरना जरूर सिखाया है महापुरुषों समुद्र में हड़ आ गया है आप में से जिसे तैरना आता है वो तैर कर अपनी जान बचा ले वरना अपने ज्ञान के साथ डूब मरे।

पढ़ने के लिए आप जी का धन्यवाद समझने के लिए आप जी का अभार

अगला लेख: केजरीवाल जी जवाब दें


Kokilaben Hospital India
08 मार्च 2018

We are urgently in need of kidney donors in Kokilaben Hospital India for the sum of $450,000,00,For more info
Email: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
WhatsApp +91 779-583-3215

अधिक जानकारी के लिए हमें कोकिलाबेन अस्पताल के भारत में गुर्दे के दाताओं की तत्काल आवश्यकता $ 450,000,00 की राशि के लिए है
ईमेल: kokilabendhirubhaihospital@gmail.com
व्हाट्सएप +91 779-583-3215

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
02 जुलाई 2016
अमितेश मिश्रा आप जी का बहुत बहुत धन्यवाद के आपजी ने हिंदी प्रेमियो के   एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया है 
02 जुलाई 2016
15 जुलाई 2016
रा
एक गांव में नदियाँ किनारे मन्दिर में रोज शाम की आरती के बाद पंडित जी रामायण की कथा करते और भगतों को राम नाम की शक्ति का अनुसरण कराते पंडित जी की कथा की महिमा दूसरे गांवों में भी फेलने लगी लोग दूर दूर से जुड़ने लगे।एक गुजरी भी दूसरे गाँव से कश्ती में नदी पार कर नित्य कथा सुनने आने लगी एक बार कथा करते
15 जुलाई 2016
02 जुलाई 2016
का
@@@@@ काम करो , कुछ नाम करो @@@@@ ********************************************************** काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो | भय को दूर भगाओ तुम ,जमीर को जगाओ तुम | दुखियों का तुम दुःख हरो | काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो || धन खूब कमाओ तुम ,पर पूरा कर चुकाओ तुम | ईमान से त
02 जुलाई 2016
25 जून 2016
सूरत और मुंबई के हीरा व्यापारियों ने तेज गर्मी में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों को 10,000 धूप के चश्मे, आरओ वाटर प्यूरीफायर, ईसीजी मशीनें और अन्य वस्तुएं भेंट की हैं। नादाबेत बीओपी (गुजरात): सूरत और मुंबई के हीरा व्यापारियों ने तेज गर्मी में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात बीएसएफ के जव
25 जून 2016
04 जुलाई 2016
बहुत समय पहले की बात है जब हिन्दुस्तान पर अंग्रेजी हकुमत थी उस वक्त कांधला में एक जमीन के टुकड़े को लेकर हिन्दू मुस्लिम विवाद हो गया हिन्दू इस जमीन के टुकड़े पर अपना हक बता रहे थे और मुस्लिम अपना हिन्दू वहां मन्दिर बनवाना चाहते थे और मुस्लिम मस्जिद।यह मामला किस
04 जुलाई 2016
02 जुलाई 2016
का
@@@@@ काम करो , कुछ नाम करो @@@@@ ********************************************************** काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो | भय को दूर भगाओ तुम ,जमीर को जगाओ तुम | दुखियों का तुम दुःख हरो | काम करो ,कुछ नाम करो ,पर नहीं देश बदनाम करो || धन खूब कमाओ तुम ,पर पूरा कर चुकाओ तुम | ईमान से त
02 जुलाई 2016
09 जुलाई 2016
दु
एक बार बाप बेटा कहीं बजार घूमने के मकसद घर से बाहर निकलते हैं वह अपना घोड़ा साथ लेते हैं।अब्बा कहते हैं बेटा तुम घोड़े पर बैठ जाओ तुम थक जाओगे बेटा कहता है नहीं अब्बा आप बैठ जाओ में ठीक हूँ।वह थोड़ी दूर जाते हैं तो एक रास्ते का शख्स कहता है कितना अजीब बाप है खुद मजे से घोड़े पर बैठा है और बच्चे को पैदल
09 जुलाई 2016
05 जुलाई 2016
अमीर बनने की चाबी कार्ल हेनरिख मार्क्स जर्मन का महान दार्शनिक मार्क्सवाद का जन्म दाता जो गरीबी में पैदा हुआ गरीबों के लिए लड़ा और गरीबी में ही मर गया पर वह मरते मरते मकार लोगों के हाथ में सरलता से अमीर बनने की चाबी दे गया इस चाबी का नाम था मार्क्सवाद मार्क्सवाद के तहत उन्होंने मजदूरों को शोषण करने वा
05 जुलाई 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x