उपयोगी

12 जुलाई 2016   |  डाॅ कंचन पुरी   (172 बार पढ़ा जा चुका है)

उपयोगी

उपयोगी को ग्राह्य कर लेना चाहिए और अनुपयोगी को त्याज्य देना चाहिए।

एक बार की बात है कि गांधी जी को किसी युवक द्वारा लिखा एक पत्र मिला जिसमें गांधी जी को बहुत गालियां दी गई थीं।  गांधी जी ने शान्त भाव से तीन पन्नों का पत्र पढ़ा था और उसमें लगी आॅलपिन को निकालकर रख लिया और पत्र फाड़कर रद्दी की टोकरी में डाल दिया।

आॅलपिन का उपयोग हो सकता था इसलिए उसे रख लिया पर पत्र अनुपयोगी जानकर फेंक दिया।

 

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