अंग्रेजी हवा में हिन्दी की सुगंध

13 जुलाई 2016   |  करन निम्बार्क   (103 बार पढ़ा जा चुका है)

आजकल अंग्रेजी लिखना, पढना व बोलना सिर्फ जरूरत नहीं एक चलन बन गया है । अंग्रेजी मात्र एक भाषा न रहकर एक लिबास बन गई है, एक ऐसा लिबास जो आपके पढ़े-लिखे और बुद्धिजीवी होने का प्रमाण है पर यह भी एक भ्रम ही है ऐसे अंग्रेजी प्रेमियो का । हालाँकि आज भी हिन्दी पाठको की संख्या में और हिन्दी साहित्य, उपन्यास के प्रेम में कोई कमी नहीं आई है । हाल ही में हिन्दी पाठको हेतु बेहद ही मनोरंजक, रोमांच से परिपूर्ण एक उपन्यास "नायिका"  चर्चा में है जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अॉनलाइन उपलब्ध है । नायिका राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अतनु बिस्वास की एक फिल्म कहानी पर आधारित सरल हिन्दी में लिखा गया उपन्यास है और जिसे हिन्दी शब्दों और कल्पनाओं से सजाया है हिन्दी कवि, लेखक, फिल्म निर्देशक करन निम्बार्क ने । आप यह उपन्यास  अमेजोन, फ्लिपकार्ट, शॉपक्लुस, पेटीएम किसी भी एक वेबसाइट पर जाकर "नायिका, करन निम्बार्क" लिखने के बाद वेबसाइट द्वारा बताए निर्देशो का पालन करके खरीद सकते है ।


करन निम्बार्क,

कवि जैसा लेखक जैसा

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