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26 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
26 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
  आज का सुवचन 
16 जुलाई 2016
26 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
26 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
  आप सूर्योपनिषद को एक साथ एक स्थान पर अपने मोबाईल पर पढ़ना चाहते हैं तो इसे नीचे लिखे लिंक से डाॅउनलोड करके पढ़ सकते हैं।  Smashwords – Suryopanishada – a book by Umesh Puri
16 जुलाई 2016
02 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
02 जुलाई 2016
09 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
09 जुलाई 2016
28 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
28 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
  आज का सुवचन 
16 जुलाई 2016
26 जुलाई 2016
     क्या हमें, बच्चों या पशु-पक्षियों को पूर्वाभास हो जाता है? भविष्य में घटने वाली घटनाओं का पूर्व में ज्ञान हो जाना ही पूर्वाभास है। कुछ लोगों को अपनी मृत्यु से पूर्व ही ऐसा लगने लगता है कि मेरी मृत्यु समीप है। इसी को पूर्वाभास कहते हैं। कुछ लोग पूर्वाभास को दैवीय संकेत कहते हैं। पूर्वाभास स्वप्न
26 जुलाई 2016
09 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
09 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
व्यक्तित्व का निर्माण मूल रूप से विचारों पर निर्भर है। चिन्तन मन के साथ-साथ शरीर को भी प्रभावित करता है। चिन्तन की उत्कृष्टता को व्यवहार में लाने से ही भावात्मक व सामाजिक सामंजस्य बनता है। हमारे मन की बनावट ऐसी है कि वह चिन्तन के लिए आधार खोजता है। चिन्तन का जैसा माध्यम होगा वैसा ही उसका स्तर होगा।न
16 जुलाई 2016
01 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
01 जुलाई 2016
18 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
18 जुलाई 2016
15 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
15 जुलाई 2016
26 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
26 जुलाई 2016
13 जुलाई 2016
आज फ्रेंडशिप डे नहीं पर ना जाने क्यों तुम्हे याद करने का बड़ा मन हो रहा । शायद मैं एक बुरा दोस्त हूँ या फिर स्वार्थी या दोनों जो तुम्हारी खबर नहीं लेता । पर यार तुम किस मिट्टी के बने हो जो मेरी आवाज पर दौड़ पड़ते हो । मुझसे जुड़ा हर दिन , समय और जगह तुम्हे आज भी बखूबी याद है और मैं फेसबुक के भरोसे रहता
13 जुलाई 2016
14 जुलाई 2016
सु
कहा गया है अति सर्वत्र वर्जयेत । आजकल सोशल मीडिया पर बहुत सारी बुरी बातें लिखी जाती हैं तो बहुत सारी अच्छी बातें भी लिखी जाती हैं । बहुत से लोग फेसबुक आदि पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिये यहाँ वहाँ से सुवचन  और महापुरुषों के कथन कट पेस्ट शेयर करते रहते हैं । कुछ लोग तो पूरे समय इसी में जुटे रहते ह
14 जुलाई 2016
29 जून 2016
     अनिश्‍चय से सदैव बचें। अनिश्‍चय की स्थिति असफलता को निमन्‍त्रण देती है। अनिर्णय की स्थिति कुछ करने नहीं देती और अवसर यूं ही आंखों के सामने से फुर हो जाता है। होना तो यह चाहिए कि निर्णय लें और काम में लग जाएं। जब तक आप निर्णय नहीं लेंगे तो अनिश्‍चय की स्थिति में रहेंगे।       यह सब जानते हैं कि
29 जून 2016
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