सत्य

16 जुलाई 2016   |  आशीष श्रीवास्‍तव   (58 बार पढ़ा जा चुका है)

में सब है लेकिन मौत नहीं है, में सब है लेकिन झूठ नहीं है, में सब कुछ है लेकिन सुकून नहीं है


और

आज के इंसान में सब कुछ है लेकिन नहीं

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