सूर्य को जल क्‍यों चढ़ाते हैं?

22 जुलाई 2016   |  डॉ उमेश पुरी 'ज्ञानेश्‍वर'   (394 बार पढ़ा जा चुका है)

सूर्य को जल क्‍यों चढ़ाते हैं?

    क्‍या आपको पता है कि सूर्य को जल क्‍यों चढ़ाते हैं? प्राय: उगते सूर्य को अर्ध्‍य देने (जल चढ़ाने) का महत्व है। इसके अनेक लाभ बताए गए हैं। ज्‍योतिष की दृष्टि से सूर्य देव प्रसन्‍न होते हैं।

     जब किसी कुंडली में सूर्य की अन्‍य ग्रहों के साथ युति होती है और यदि दोनों ग्रहों के मध्‍य 15 अंश तक का अन्‍तर हो तो वह ग्रह अस्‍त हो जाता है।  अस्‍त ग्रह निष्‍फल होते हैं। सूर्य को जल चढ़ाने से उसका प्रभाव उस पर से कम होने के कारण अस्‍त ग्रह फल देने को तत्‍पर होने लगता है।

     सूर्य से लाभ उठाने के लिए एक तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें चावल के दाने, गुड़ का टुकड़ा एवं रौली डालकर सूर्य को जल चढ़ाते समय सूर्य का बारह बार मन्‍त्र बोलें। लोटा सिर से ऊपर रखें और जल की धारा आंखों के सामने से बनाएं और उसमें सूर्य के दर्शन करें। सीधा सूर्य को न देखें।

    वैज्ञानिक एवं स्‍वास्‍थ्‍य के दृष्टिकोण से  क्या सूर्य को जल चढ़ाने से सीधे कोई लाभ मिलता है या नहीं। सूर्य पृथ्वी से 1,49,600,000 किलोमीटर दूर है। इसका प्रकाश पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट 19 सेकेंड का समय लेता है।

     सभी जानते हैं कि सूर्य पृथ्वी के जीवों के लिए महत्वपूर्ण ऊर्जा का स्रोत है। सूर्य के कारण जीवों को तो ऊर्जा मिलती ही है। 

     पेड़- पौधों को भोजन भी सूर्य के कारण ही मिल पाता है। अगर सूर्य की किरणें न हों तो फोटोसिंथेसिस न हो और फोटोसिंथेसिस न हो तो पेड़- पौधे भोजन कैसे बनाएंगे? आखिर उनकी पत्तियों में मौजूद क्लोरोफिल बिना सूर्य के प्रकाश के कर ही क्या पाएगा।

     सूर्य को जल चढ़ाने से हमारे शरीर पर सीधा प्रभाव पड़ता है। जब हम सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाते हैं तो इससे सीधे-सीधे हमारे स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। सुबह की ताजी हवा और सूर्य की पहली रश्मियां हम पर पड़ती हैं। इससे हमारे चेहरे पर तेज दिखाई देता है। इसके अलावा जब हम सूर्य को जल चढ़ाते हैं और पानी की धारा के बीच उगते सूरज को देखते हैं तो नेत्र ज्योति बढ़ती है, पानी के बीच से होकर आने वाली सूर्य की किरणों जब शरीर पर पड़ती हैं तो इसकी किरणों के रंगों का भी हमारे शरीर पर प्रभाव पड़ता है। जिससे विटामिन डी जैसे कई गुण भी होते हैं। इसलिए कहा गया है कि जो उगते सूर्य को जल चढ़ाता है उसमें सूर्य जैसा तेज आ जाता है।

     ऋषियों ने कहा है कि सूर्य को जल देने से उसकी अदृश्य प्रेम किरणें हमारे हृदय में प्रवेश करती हैं और हमारे शरीर के सारे हानिकारक तत्व नष्ट होते जाते हैं। हम रोज न जाने कितनी नकारात्मक परिस्थितियों से गुजरते हैं। सूर्य को जल चढ़ाते ही हमारे शरीर पर पड़े बुरे प्रभाव तुरंत नष्ट हो जाते हैं और हमें एक नई ऊर्जा मिलती है एवं जीवन में सुख और शांति की वृद्धि होती है।

अगला लेख: शतप्रतिशत



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
17 जुलाई 2016
    जब कोई व्यक्ति मृत्यु शय्या पर पड़ा होता है, किसी असाध्य रोग से पीड़ित होता है, ऊपरी प्रभाव या हवाओं से निरन्तर रोगग्रस्त रहता है या अचानक दुर्घटना के कारण मृत्यु की घड़ियां गिन रहा होता है तो कहते हैं कि महामृत्युंजय मन्त्र का पाठ करा लो। इससे मृत्यु भी टल जाती है।    मन्त्र के लिए कह सकते हैं
17 जुलाई 2016
26 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
26 जुलाई 2016
13 जुलाई 2016
ते
हर समस्या का समाधान होता है , कहना आसान है मगर असल में कर पाना हर बार उतना भी सरल नहीं होता ! खासकर तब जब वो भीड़ का उन्माद हो या फिर कट्टर धार्मिकता से पैदा किया गया जूनून ! समाधान असम्भव तब हो जाता है जब समस्या जबरन पैदा की गयी हो ! कहा भी जाता है की पागलपन का कोई इलाज नहीं !लेकिन इस चक्कर में किसी
13 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
व्यक्तित्व का निर्माण मूल रूप से विचारों पर निर्भर है। चिन्तन मन के साथ-साथ शरीर को भी प्रभावित करता है। चिन्तन की उत्कृष्टता को व्यवहार में लाने से ही भावात्मक व सामाजिक सामंजस्य बनता है। हमारे मन की बनावट ऐसी है कि वह चिन्तन के लिए आधार खोजता है। चिन्तन का जैसा माध्यम होगा वैसा ही उसका स्तर होगा।न
16 जुलाई 2016
02 अगस्त 2016
1. जरा          क-थोड़ा          ख-क्षीणता          ग-बुढ़ापा            2. जलद      क-जल        ख-बादल        ग-छाता          3. जलधि       क-समुद्र        ख-जल सदृश           ग-बादल           4. जलवाह              क-तालाब         ख-पोखर           ग-मेघ          उत्तर1. ग  2. ख 3. क 4. ग
02 अगस्त 2016
13 जुलाई 2016
आज फ्रेंडशिप डे नहीं पर ना जाने क्यों तुम्हे याद करने का बड़ा मन हो रहा । शायद मैं एक बुरा दोस्त हूँ या फिर स्वार्थी या दोनों जो तुम्हारी खबर नहीं लेता । पर यार तुम किस मिट्टी के बने हो जो मेरी आवाज पर दौड़ पड़ते हो । मुझसे जुड़ा हर दिन , समय और जगह तुम्हे आज भी बखूबी याद है और मैं फेसबुक के भरोसे रहता
13 जुलाई 2016
20 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
20 जुलाई 2016
01 अगस्त 2016
आज का सुवचन 
01 अगस्त 2016
18 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
18 जुलाई 2016
09 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
09 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
  आप सूर्योपनिषद को एक साथ एक स्थान पर अपने मोबाईल पर पढ़ना चाहते हैं तो इसे नीचे लिखे लिंक से डाॅउनलोड करके पढ़ सकते हैं।  Smashwords – Suryopanishada – a book by Umesh Puri
16 जुलाई 2016
09 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
09 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
  आज का सुवचन 
16 जुलाई 2016
15 जुलाई 2016
    यदि आपके विवाह में विलम्ब हो रहा है और बिना बात की बाधांए आ रही है, काम बनते बनते बिगड़ रहा है! प्रयास कर-कर के थक गए हैं तो इस बाधा व विलम्ब को दूर करने के लिए एक अनुभूत प्रयोग बता रहे हैं। इस प्रयोग से विवाह की बाधाएं दूर होती हैं, विवाह होने का मार्ग प्रशस्त होता है और अच्छे व सम्पन्न परिवारों
15 जुलाई 2016
14 जुलाई 2016
आज का सुवचन  
14 जुलाई 2016
14 जुलाई 2016
आज का सुवचन  
14 जुलाई 2016
14 जुलाई 2016
    वास्‍तु प्रचलन में है और वास्‍तु सम्‍मत घर सुख-समृद्धि कारक है। वास्‍तु सम्‍मत घर सभी बनाना चाहते हैं। यदि आप भी अपनाना चाहते हैं पर अपना नहीं पा रहे हैं क्‍योंकि आपका घर तो पुराना है और बना हुआ है। ऐसे में वास्‍तु कैसे अपनाएं।     आप चाहे तो वास्‍तु न अपनाएं पर ईशान का प्रबन्‍धन कर लेंगे तो बहु
14 जुलाई 2016
19 जुलाई 2016
आज का सुवचन
19 जुलाई 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x