सफलता हमारे पास होगी!

24 जुलाई 2016   |  डाॅ कंचन पुरी   (411 बार पढ़ा जा चुका है)

सफलता हमारे पास होगी!

अनेक लोग अपना कार्य बीच में ही छोड़कर बैठ जाते हैं जबकि उन्हें सफलता मिलने वाली होती है। 

मन में करो या मरो की भावना जाग्रत रखने की भावना

इनमें होती तो वे सफलता के शीर्ष पर होते।

जो सफलता मिलने के पूर्व ही कार्य छोड़ देते हैं वे कभी आगे नहीं बढ़ सकते हैं।

ऐसा उन्हीं के साथ होता है जिनके मन में स्वार्थ, कामना, अहंकार और चिन्ताएं वास करती हैं।

ऐसे में जब कभी निराशा मन में आए तो यह वाक्य सदैव मन में दोहराते रहना चाहिए-

सफलता मिलने वाली है, बस थोड़ा प्रयास और वह हमारे पास होगी । 

अगला लेख: व्यक्तित्व निर्माण का मूलाधार



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
27 जुलाई 2016
1. चलावा      क-विचलित     ख-छलना     ग-रीति       2. चला  क-चलना   ख-बिजली   ग-अस्थिर     3. चवाई   क-निंदक   ख-चपल      ग-चाल      4. चांइयां         क-चहक    ख-चहकना      ग-धूर्त     उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
27 जुलाई 2016
16 जुलाई 2016
व्यक्तित्व का निर्माण मूल रूप से विचारों पर निर्भर है। चिन्तन मन के साथ-साथ शरीर को भी प्रभावित करता है। चिन्तन की उत्कृष्टता को व्यवहार में लाने से ही भावात्मक व सामाजिक सामंजस्य बनता है। हमारे मन की बनावट ऐसी है कि वह चिन्तन के लिए आधार खोजता है। चिन्तन का जैसा माध्यम होगा वैसा ही उसका स्तर होगा।न
16 जुलाई 2016
20 जुलाई 2016
निरंतरता सीखनी चाहिए। जब तक आप कोई संकल्प लेकर उसमें निरंतरता नहीं रखेंगे उसका अच्छा प्रभाव भी नहीं मिलेगा और संकल्प भी अधूरा रह जाएगा। मान लो आपन संकल्प लिया कि कल से मैं प्रतिदिन आधा घंटा व्यायाम करूंगा। आपने अपने संकल्प के अनुसार प्रारम्भ भी कर दिया पर किसी न किसी कारणवश आप नागा करने लगे। ऐसा करन
20 जुलाई 2016
02 अगस्त 2016
1. जरा          क-थोड़ा          ख-क्षीणता          ग-बुढ़ापा            2. जलद      क-जल        ख-बादल        ग-छाता          3. जलधि       क-समुद्र        ख-जल सदृश           ग-बादल           4. जलवाह              क-तालाब         ख-पोखर           ग-मेघ          उत्तर1. ग  2. ख 3. क 4. ग
02 अगस्त 2016
26 जुलाई 2016
आज का सुवचन 
26 जुलाई 2016
02 अगस्त 2016
1. जरा          क-थोड़ा          ख-क्षीणता          ग-बुढ़ापा            2. जलद      क-जल        ख-बादल        ग-छाता          3. जलधि       क-समुद्र        ख-जल सदृश           ग-बादल           4. जलवाह              क-तालाब         ख-पोखर           ग-मेघ          उत्तर1. ग  2. ख 3. क 4. ग
02 अगस्त 2016
07 अगस्त 2016
खु
              दुनियां में हमारे पर्दापर्ण होते ही हम कई रिश्तों से घिर जाते हैं .रिश्तों का बंधन हमारे होने का एहसास करता हैं .साथ ही अपने दायीत्यों व् कर्तब्यों का.जिन्हें हम चाह कर भी अनदेखा नहीं कर सकते और न ही उनसे बन्धनहीन .लेकिन सच्ची दोस्ती दुनियां का वह नायाब तोहफा हैं जिसे हम ही तय करते हैं
07 अगस्त 2016
29 जुलाई 2016
1. चांपना        क-चतुर       ख-ठगना       ग-दबाना         2. चाम    क-चमकना     ख-खाल     ग-चेहरा       3. चासना     क-जोतना     ख-खेतिहर        ग-हलवाहा        4. चिंदी           क-बिंदी      ख-छोटा टुकड़ा        ग
29 जुलाई 2016
19 जुलाई 2016
गुरु शब्द में दो व्यंजन (अक्षर) गु और रु के अर्थ इस प्रकार से हैं- गु शब्द का अर्थ है अज्ञान, जो कि अधिकांश मनुष्यों में होता है ।रु शब्द का अर्थ है, जो अज्ञान का नाश करता है ।अतः गुरु वह है जो मानव जाति के आध्यात्मिक अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाते हैं और उसे आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं । गुरु से
19 जुलाई 2016
14 जुलाई 2016
1. तीय    क-गीला ख-तीखा ग-औरत   2. तुंगिमा क-मुख ख-ऊंचाई ग-नाभि 3. तुमुल क-कोलाहल, हलचल ख-हल्का  ग-दुर्बल  4. तुर्त-फुर्त      क-घुड़सवार ख-घोड़ी  ग-झटपट, तुरन्त उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
14 जुलाई 2016
04 अगस्त 2016
1. चुहल           क-मजबूत           ख-हल्का           ग-हंसी, ठिठौली             2. चूषक       क-चूहा         ख-चूसने वाला         ग-लकड़ी           3. चैत्यक        क-पीपल         ख-चैत्र            ग-चिंता            4. चैर्गिद               क-शार्गिद          ख-चौकस           ग-चहुंओर          उत
04 अगस्त 2016
14 जुलाई 2016
आज का सुवचन  
14 जुलाई 2016
17 जुलाई 2016
1. झाबर      क-तालाब   ख-पोखर   ग-दलदल     2. झिल्लड़  क-पापड़ ख-झीना ग-झिल्ली   3. झीमर  क-मल्लाह ख-कीड़ा    ग-झूमना    4. झुटुंग        क-मल्लाह  ख-भ्रम    ग-जटाधारी   उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
17 जुलाई 2016
20 जुलाई 2016
निरंतरता सीखनी चाहिए। जब तक आप कोई संकल्प लेकर उसमें निरंतरता नहीं रखेंगे उसका अच्छा प्रभाव भी नहीं मिलेगा और संकल्प भी अधूरा रह जाएगा। मान लो आपन संकल्प लिया कि कल से मैं प्रतिदिन आधा घंटा व्यायाम करूंगा। आपने अपने संकल्प के अनुसार प्रारम्भ भी कर दिया पर किसी न किसी कारणवश आप नागा करने लगे। ऐसा करन
20 जुलाई 2016
10 जुलाई 2016
प्रत्येक व्यक्ति अपनी प्रशंसा चाहता है। सही अर्थों में प्रशंसा एक प्रकार का प्रोत्साहन है! प्रशंसा में सृजन की क्षमा होती है। इसलिए प्रशंसा करने का जब भी अवसर मिले उसे व्यक्त करने से नहीं चूकना चाहिए। प्रशंसा करने से प्रशंसक की प्रतिष्ठा बढ़ती है। सभी में गुण व दोष होते हैं। ऐसा नहीं है कि बुरे से ब
10 जुलाई 2016
19 जुलाई 2016
गुरु शब्द में दो व्यंजन (अक्षर) गु और रु के अर्थ इस प्रकार से हैं- गु शब्द का अर्थ है अज्ञान, जो कि अधिकांश मनुष्यों में होता है ।रु शब्द का अर्थ है, जो अज्ञान का नाश करता है ।अतः गुरु वह है जो मानव जाति के आध्यात्मिक अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाते हैं और उसे आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं । गुरु से
19 जुलाई 2016
07 अगस्त 2016
1. चौबारा            क-खिड़की             ख-दरवाजा             ग-चहुं ओर खिड़की दरवाजे वाला कमरा               2. चौरा        क-चार दिशाएं          ख-चबूतरा           ग-चोर             3. चौर्योन्‍माद         क-चोरी करने का चस्‍का          ख-चोर             ग-दस्‍यु              4. च्‍युति          
07 अगस्त 2016
17 जुलाई 2016
1. झाबर      क-तालाब   ख-पोखर   ग-दलदल     2. झिल्लड़  क-पापड़ ख-झीना ग-झिल्ली   3. झीमर  क-मल्लाह ख-कीड़ा    ग-झूमना    4. झुटुंग        क-मल्लाह  ख-भ्रम    ग-जटाधारी   उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
17 जुलाई 2016
10 जुलाई 2016
प्रत्येक व्यक्ति अपनी प्रशंसा चाहता है। सही अर्थों में प्रशंसा एक प्रकार का प्रोत्साहन है! प्रशंसा में सृजन की क्षमा होती है। इसलिए प्रशंसा करने का जब भी अवसर मिले उसे व्यक्त करने से नहीं चूकना चाहिए। प्रशंसा करने से प्रशंसक की प्रतिष्ठा बढ़ती है। सभी में गुण व दोष होते हैं। ऐसा नहीं है कि बुरे से ब
10 जुलाई 2016
22 जुलाई 2016
1. टांट       क-टलना    ख-टाट    ग-खोपड़ी      2. ठकुरसुहाती क-ठाकुरों का समूह  ख-चापलूसी  ग-रीता    3. ठसक   क-अभिमान  ख-निठल्ला     ग-ठिकाना     4. ठाकना         क-नखरा   ख-अंदाज     ग-मना करना    उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
22 जुलाई 2016
13 जुलाई 2016
आज फ्रेंडशिप डे नहीं पर ना जाने क्यों तुम्हे याद करने का बड़ा मन हो रहा । शायद मैं एक बुरा दोस्त हूँ या फिर स्वार्थी या दोनों जो तुम्हारी खबर नहीं लेता । पर यार तुम किस मिट्टी के बने हो जो मेरी आवाज पर दौड़ पड़ते हो । मुझसे जुड़ा हर दिन , समय और जगह तुम्हे आज भी बखूबी याद है और मैं फेसबुक के भरोसे रहता
13 जुलाई 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x