कहने को शहर है पर हालात गाँव से बदतर है ।

24 जुलाई 2016   |  करन निम्बार्क   (198 बार पढ़ा जा चुका है)

कहने को शहर है पर हालात गाँव से बदतर है | 

दो दशको से रहता आया हूँ  महाराष्ट्र पालघर जिले के नालासोपारा शहर में (पहले ठाणे जिले में था परंतु आज भी वक़्त=बेवक़्त विद्युत् प्रवाह में बाधा आम सी बात है नालासोपारा का जिक्र तो अपने कई फ़िल्मों, टीवी कार्यक्रमों में सुना ही होगा पर यहाँ के नागरिकों की व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है कोई भी मौसम हो,  रविवार हो, बच्चो की परीक्षाएँ हो महाराष्ट्र राज्य विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटिड को इससे, जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है आज सुबह से तो हर आधे घंटे से बिजली का आवागमन जारी है और भला आज ही क्यों,  ऐसा तो कई दफा होता है नालासोपारा में |  हास्यादपद बात तो यह है कि बीस सालो से यह सुस्त सा विभाग जनता को सुचारू रूप से बिजली मुहैया नहीं करा पाया और लिखते है महावितरण !!! करन निम्बार्क,  सहसंपादक दि फेस ऑफ़ इंडिया       

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