मुझे कौन पूछता था, तेरी बंदगी से पहले

29 जुलाई 2016   |  जेपी हंस   (1452 बार पढ़ा जा चुका है)

मुझे कौन पूछता था, तेरी बंदगी से पहले


मुझे कौन पूछता था, तेरी बंदगी से पहले,

मैं तुम्हीं को ढूँढता था, इस जिन्दगी से पहले,

मैं खाक का जरा था और क्या थी मेरी हस्ती,

मैं थपेड़े खा रहा था ,जैसे तूफाँ में किश्ती,

दर-दर भटक रहा था, तेरी बंदगी से पहले,


मैं इस तरह जहाँ में, जैसे खाली सीप होती,

मेरी बढ़ गयी है कीमत, तूने भर दिये है मोती,

मुझे मिल गया सहारा, कदमों में तेरे आके,

यूं तो है जहाँ में लाखों, तेरे जैसा कौन होगा,

तू है वो दरिया रहमत, तेरा जैसा कौन होगा,

मजा क्या है जिंदगी में, तेरी बंदगी से पहले,


तू जो मेहरबाँ हुआ, सारा जग ही मेहरबाँ है,

न आवाज न गला था, तेरी बंदगी से पहले,

रौशन साथी तेरे से, हर दिल में राज तेरा,

माँ भारती मेरी मैया, मेरे दिल में डालो डेरा,

दर-दर की खाक छानी, तेरी बंदगी से पहले,

मुझे कौन पूछता था, तेरी बंदगी से पहले

         -अज्ञात            


अगला लेख: मानव मस्तिष्क से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x