शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 22

04 अगस्त 2016   |  डाॅ कंचन पुरी   (138 बार पढ़ा जा चुका है)

शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 22


1. चुहल           

क-मजबूत           

ख-हल्का           

ग-हंसी, ठिठौली             

2. चूषक       

क-चूहा         

ख-चूसने वाला         

ग-लकड़ी           

3. चैत्यक        

क-पीपल         

ख-चैत्र            

ग-चिंता            

4. चैर्गिद               

क-शार्गिद          

ख-चौकस          

 ग-चहुंओर          


उत्तर

1. ग  2. ख 3. क 4. ग

अगला लेख: शब्‍द सामर्थ्‍य बढ़ाईए - 24



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
30 जुलाई 2016
1. जांगलू         क-पशु        ख-जंगल        ग-जंगली          2. जांगुल     क-जंगली      ख-विष      ग-तेज        3. जाता     क-कन्या      ख-शिशु         ग-बच्चा         4. जित्वर            
30 जुलाई 2016
06 अगस्त 2016
1. छिनाला            क-चरित्रभ्रष्ट            ख-दोषी            ग-व्यभिचार              2. छोकड़ी        क-टोकरी          ख-लड़की          ग-लड़का            3. जघन्य         क-अति निन्दनीय          ख-जंघा             ग-कठिन             4. जनाचार                क-घनी बस्ती           ख-जनता         
06 अगस्त 2016
28 जुलाई 2016
1. जिमनार       क-व्यायामशाला      ख-कसरत      ग-भोज        2. जिष्णु   क-शारीरिक    ख-विजयी    ग-विषाणु      3. जील    क-हल्की, धीमी    ख-उत्साह       ग-जला हुआ       4. जीवेश          क-जीता हुआ     ख-जीवन       ग-ईश्वर      उत्तर 1. ग   2. ख 3.
28 जुलाई 2016
27 जुलाई 2016
1. चलावा      क-विचलित     ख-छलना     ग-रीति       2. चला  क-चलना   ख-बिजली   ग-अस्थिर     3. चवाई   क-निंदक   ख-चपल      ग-चाल      4. चांइयां         क-चहक    ख-चहकना      ग-धूर्त     उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
27 जुलाई 2016
15 अगस्त 2016
जि
जिन्दगी एक जुआ की तरह हैं ,जिसमे ताश के पत्तों की तरह जीवन की खुशियाँ बखर जाती हैं .जब तक जीवन में सुखों का अंबार लगा रहता हैं तब तक हमें उन लम्हों अ आभास ही नहीं होता हैं जो हमारी हंसती ,मुस्कराती ,रंग - बिरंगी दुनियां में घुसपैठ कर बैठती हैं और जीवन की खुशनुमा लम्हों की लड़ीबिखर कर ,छितर कर गम हो ज
15 अगस्त 2016
10 अगस्त 2016
जि
जिंदगी गडित के एक सवाल की तरह हैं जिसमें सम विषम संख्यायों की तरह सुलझें - अनसुलझें साल हैं .हमारी दुनियां वृत की तरह गोल हैं जिस पर हम परिधि की तरह गोल गोल घूमतें रहते हैं .आपसी अंतर भेद को व् जीवन में आपसी सामंजस्य बिठाने के लिए  कभी हम जोड़ - वाकी करते हैं तो कभी हम गुणा भाग करते हैं .लेकिन फिर भी
10 अगस्त 2016
22 जुलाई 2016
1. टांट       क-टलना    ख-टाट    ग-खोपड़ी      2. ठकुरसुहाती क-ठाकुरों का समूह  ख-चापलूसी  ग-रीता    3. ठसक   क-अभिमान  ख-निठल्ला     ग-ठिकाना     4. ठाकना         क-नखरा   ख-अंदाज     ग-मना करना    उत्तर 1. ग   2. ख 3. क 4. ग
22 जुलाई 2016
07 अगस्त 2016
1. चौबारा            क-खिड़की             ख-दरवाजा             ग-चहुं ओर खिड़की दरवाजे वाला कमरा               2. चौरा        क-चार दिशाएं          ख-चबूतरा           ग-चोर             3. चौर्योन्‍माद         क-चोरी करने का चस्‍का          ख-चोर             ग-दस्‍यु              4. च्‍युति          
07 अगस्त 2016
02 अगस्त 2016
1. जरा          क-थोड़ा          ख-क्षीणता          ग-बुढ़ापा            2. जलद      क-जल        ख-बादल        ग-छाता          3. जलधि       क-समुद्र        ख-जल सदृश           ग-बादल           4. जलवाह              क-तालाब         ख-पोखर           ग-मेघ          उत्तर1. ग  2. ख 3. क 4. ग
02 अगस्त 2016
12 अगस्त 2016
जी
 जिंदगी तमाम अजब - अनूठे कारनामों से भरी हैं .ईन्सान अपनी तमाम भरपूर कोशिशों के बाबजूद भी उस पर सवार होकर अपनी मनमर्जी से जिन्दगीं नहीं जी पाता .वह अपनी ईच्छानुसार मोडकर उस पर सवारी नहीं कर सकता .क्योकि जिन्दगीं कुदरत का एक घोडा हैं अर्थात जिन्दगीं की लगाम कुदरत के हाथों में हैं जिस पर उसके सिवाय कि
12 अगस्त 2016
10 अगस्त 2016
व्यक्ति की रचनात्मक प्रवृत्ति तब अधिक निखर कर आती है जब वह मुक्त होकर सोचता है। मुक्त सोच के अनुसार कुछ नया करने का प्रयास करने पर भी रचनात्मकता आती है। अपनी मुक्त सोच को अपनी रचनात्मक रुचि के अनुसार विकसित करें। ऐसा करने से आपके कार्य में नवीनता होगी और लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करने में भी 
10 अगस्त 2016
07 अगस्त 2016
 (यह लेख सुप्रसिद्ध साइकेट्रिस्ट (मनोरोग-विशेषज्ञ) डॉक्टर सुशील सोमपुर के द्वारा लिखे लेख का हिंदी रूपांतरण है।) जो व्यक्ति अवसाद की स्थिति से गुजर रहा होता है, उसके लिए ये कोई पाप की सजा या किसी पिछले जन्म के अपराध की सजा के जैसी लगती है, और जिन लोगों का उपचार किया गया और वे बेहतर हो गए उन्हें ये क
07 अगस्त 2016
04 अगस्त 2016
मेरा नाम …………. छोड़ो भी, मेरे नाम मे क्या रखा है. कहते है लोगो को एक नाम इसीलिए दिए जाते है की वो रहे या ना रहे उन्हे हमेशा पहचाना जा सके, लेकिन फिर भी मै चाहता हूँ, की मेरा नाम एक गुमनाम शक्सियत हो. अब मै आप सभी को रूबरू करने जा रहा हूँ अपने इस अधूरे जिंदगी के सफ़र के बारे मे. मै शुरुआत करना चाहूँग
04 अगस्त 2016
04 अगस्त 2016
मोदी सरकार में लोगों ने भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें किस विभाग को लेकर की - नई दिल्ली : इंडिया संवाद ब्यूरोनई दिल्ली : भले केंद्र में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार सिस्टम के तंदुरस्त होने की बात कर रही है लेकिन लोगों की परेशानियां अब भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। लोकसभा में एक सवाल के ज
04 अगस्त 2016
28 जुलाई 2016
1. जिमनार       क-व्यायामशाला      ख-कसरत      ग-भोज        2. जिष्णु   क-शारीरिक    ख-विजयी    ग-विषाणु      3. जील    क-हल्की, धीमी    ख-उत्साह       ग-जला हुआ       4. जीवेश          क-जीता हुआ     ख-जीवन       ग-ईश्वर      उत्तर 1. ग   2. ख 3.
28 जुलाई 2016
11 अगस्त 2016
म्हारा जीवन तराजू समान हैं जिसमें सुख और दुःख रूपी दो पल्लें हैं और डंडी जीवन को बोझ उठाने वाली सीमा पट्टी हें .काँटा जीवन चक्र के घटने वाले समयों का हिजाफा देता हैं .सुख दुःख के किसी भी पल्ले का बोझ कम या अधिक होनें पर कांटा डगमगाने लगता हैं सुख दुःख रूपी पल्लों की जुडी लारियां उसके किय कर्मो की सू
11 अगस्त 2016
01 अगस्त 2016
1. चितेरा         क-चित्त         ख-चित्र         ग-चित्रकार           2. चिरायु     क-आयु       ख-दीर्घायु       ग-विनती         3. चिलका      क-नवजात शिशु       ख-टुकड़ा          ग-क्षणिक          4.
01 अगस्त 2016
02 अगस्त 2016
1. जरा          क-थोड़ा          ख-क्षीणता          ग-बुढ़ापा            2. जलद      क-जल        ख-बादल        ग-छाता          3. जलधि       क-समुद्र        ख-जल सदृश           ग-बादल           4. जलवाह              क-तालाब         ख-पोखर           ग-मेघ          उत्तर1. ग  2. ख 3. क 4. ग
02 अगस्त 2016
04 अगस्त 2016
उत्तर प्रदेश भारत की ‘दूध बेल्ट’ कहलाती है| उत्तर प्रदेश वही भूमि है जहां वृन्दावन में श्री कृष्ण ने गैया चराई थी और गोपियों के संग खेल | उस दिव्य स्पर्श का रस हम भारतवासियों ने शताब्दियों तक पाया और दूध का उत्पादन उत्तर प्रदेश में बढ़ता ही चला गया। आइए अब मैं आपको बताती हूं उत्तर प्रदेश के दुग्ध
04 अगस्त 2016
07 अगस्त 2016
खु
              दुनियां में हमारे पर्दापर्ण होते ही हम कई रिश्तों से घिर जाते हैं .रिश्तों का बंधन हमारे होने का एहसास करता हैं .साथ ही अपने दायीत्यों व् कर्तब्यों का.जिन्हें हम चाह कर भी अनदेखा नहीं कर सकते और न ही उनसे बन्धनहीन .लेकिन सच्ची दोस्ती दुनियां का वह नायाब तोहफा हैं जिसे हम ही तय करते हैं
07 अगस्त 2016
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x