ये ना जाना

06 अगस्त 2016   |  हर्ष वर्धन जोग   (146 बार पढ़ा जा चुका है)

ये ना जाना

रीजनल ऑफिस के लिए रिसेप्शनिस्ट का इंटरव्यू चल रहा था. .....

Sketches from Life: ये ना जाना रीजनल ऑफिस के लिए रिसेप्शनिस्ट का इंटरव्यू चल रहा था. हमारे झुमरी तल्लिय्या रीजन के सर्वे-सर्वा गोयल साब के अलावा एक मैनेजर hrd और एक चीफ मैनेजर भी इंटरव्यू बोर्ड में विराजमान थे. चौथी उम्मीदवार आई मिस प्रीति. उम्र थी 35 की, सांवला रंग, मोटी मोटी आँखें और बड़े सलीके से पहनी हुई साड़ी. फर्राटेदार इंग्लिश और हिंदी. गोयल साब को दो चीज़ें पसंद आई, एक तो मिस प्रीति की इंग्लिश और दूसरा 35 के बावजूद उसका मिस होना. मैनेजर hrd ने कनखियों से मसला भांप लिया और चीफ मैनेजर ने भी हवा का रुख देख लिया. दोनों ने कागजों पर अंगूठे लगा दिए.पहली तारीख को मिस प्रीति ने कुर्सी संभाल ली. गोयल साब ने आकर मुआयना किया,- सब ठीक है न मिस? कंप्यूटर, कागज़ पेंसिल वगैरा कुछ चाहिए हो तो बताना. फ्रेंकली बता देना फ्रेंकली. मैं बड़ा ओपन हूँ ओपन. और अब चाय बोल दो चाय. जब चाय आ जाए तो आप भी अंदर आ जाना कम इनसाइड.   58 वर्षीय गोयल साब रंग के सांवले और शरीर से गोल-मटोल हैं. आप कह सकते हैं की खाते पीते घर के हैं. बाल उड़ चुके हैं बस किनारे किनारे एक झालर सी बची हुई है जिस पर वो दिन में 5-7 बार प्यार से कंघी चलाते हैं. महंगी और चुनी हुई उम्दा परफ्यूम लगाते हैं. केबिन के अंदर वो साब हैं पर केबिन के बाहर उन्हें प्यार से टकला कहते हैं. चाय पीते पीते मिस प्रीति से बातचीत कर रहे थे,- रहती कहाँ हैं आप? और साथ में कौन है? मैं कह रहा था देर सबेर हो जाए तो गाड़ी में आपको छोड़ दूंगा. झुमरी तल्लिय्या में आप नयी आई हैं किसी किसम की कमी नहीं रहनी चाहिए. शाम को अकेले बोर हो जाएंगी. कल मैं टीवी भिजवा देता हूँ ड्राईवर के हाथ. गैस चाहिए क्या? उसकी भी व्यवस्था करा देता हूँ. मैं बड़ा ओपन आदमी हूँ ओपन मिस प्रीति.अगले हफ्ते दस दिन तक यही सिलसिला चलता रहा. रोज़ कुछ ना कुछ सामान मिस प्रीति के घर पहुँच रहा था और ऑफिस में दोनों की गुफ्तगू लम्बी होने लग गयी थी. दफ्तर में कानाफूसी का बाज़ार गर्म होने लग गया था उड़ती उड़ती खबर गोयल साब के घर पहुँचने लगी थी. पर ज्यादा नहीं चला ये सिलसिला शायद दो महीने चला होगा.इधर मिस प्रीति दो दिन ऑफिस ही नहीं आई ना कोई फोन ना ही कोई मेसेज आया. गोयल साब ने ड्राईवर को दौड़ाया. ड्राईवर ने आकर खबर दी की मिस प्रीति तो घर छोड़ गयी हैं और मकान मालिक ने बताया कि सारा सामान भी ले गयी हैं शायद मुम्बई में नौकरी लग गयी है. कोई एड्रेस नहीं छोड़ कर नहीं गयी हैं.खबर सुनकर गोयल साब के रोंगटे खड़े हो गए यहाँ तक की सर पर जो दो तीन बाल थे वो भी खड़े हो गए. सामान का मोटा मोटा हिसाब लगाया ये+ये+वो+वो=70,000. गोयल साब दुःखी होकर बोले,तेरे प्यार का ये हाल,इस प्यार में था इक जाल,इस प्यार में था ताना बाना,कब कैसे फँस गई गर्दन,ये ना जाना !तेरी फरमाइशें थी कुछ ज़्यादा,मेरी ख्वाहिशें थी कुछ ज़्यादा ,तेरे प्यार में थे खर्चे,कब निकला मेरा दिवाला,ये ना जाना !मेरी गाड़ी में तू घूमी,धुआं उठा मेरे पर्स में,हुआ मैं कंगला पर तू झूमी,कब हुआ मेरा बटुआ फ़रार,ये न जाना !                                                                                                                    Sketches from Life: ये ना जाना

http://jogharshwardhan.blogspot.com/2016/05/blog-post_21.html

अगला लेख: दांतों का डॉक्टर



Sudhadevrani
10 मार्च 2017

बहुत खूब....।

धन्यवाद सुधा देवरानी

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
26 जुलाई 2016
अगस्त का महीना आते ही दुकानों में  रंगे बिरंगी पतंगें और साथ में माँझे में लिपटी चरखियाँ दिखाई देने लगती हैं......पतंग,मांझा,कटी पतंग,पतंग लूटना,चरखी, Sketches from Life: वो काटा
26 जुलाई 2016
12 अगस्त 2016
साब जी क्या पूच्छो जी. पक्की नौकरी करी पूरे 36 साल अर पांच साल करी कच्ची. इब तो पेंसन के मजे ले रे जी. नौकरी में हर तरह के दिन देख लिए साब जी उजले भी अर घनेरे भी. बड़े बड़े अफसरान देखे जी दबंग देखे, निकम्मे देखे अर भगवान आपका भला करे जी दो रीजनल मैनजर जो हैं सो देखीं जी लेडीज. मैं आज बता रा जी सबकी
12 अगस्त 2016
26 जुलाई 2016
रीजनल मैनेजर बनना आसान काम नहीं ना है भैय्या. बहुत तैयारी करना पड़ता है इंटरभ्यु के लिए .....promotion,प्रोमोशन,बॉस,रीजनल मैनेजर, Sketches from Life: प्रमोसन
26 जुलाई 2016
06 अगस्त 2016
Sketches from Life: गड्डी बैंक ों का राष्ट्रीयकरण होने के बाद बहुत तेज़ी से शाखाएँ खुलने लगीं और इसलिए नये स्टाफ़ की भरती भी शुरू हो गई थी. भरती के लिये एक बोर्ड बना दिया गया था जिसकी परीक्षा पास करके अलग अलग बैंकों में इंटरव्यू होता था और पास होने पर नौकरी मिल जाती थी. इसी प्रोसेस से पंजाब नैशनल
06 अगस्त 2016
28 जुलाई 2016
पिछले दिनों लैंसडाउन, जिला पौड़ी गढ़वाल के नजदीक गाँव जिबल्खाल में जाने का मौका मिला जो दिल्ली से लगभग 260 किमी दूर ..... एक फोटो-ब्लॉग Lainsdowne,लैन्सडौन,पहाड़,गांव, Sketches from Life: पहाड़ी गाँव
28 जुलाई 2016
26 जुलाई 2016
नफे सिंह कई बार झिझकते मेरे केबिन के बाहर से अंदर झांकता रहता था. कभी फुर्सत होती तो उसे मैं अंदर बुला लेता था. बचत खाते से दो तीन सो रुपये निकालने के लिए उसे फॉर्म भरवाना होता था तो मैं ही भर देता था. उसका अंगूठा लगवा कर और पूरी कारवाई करके पेमेंट के लिए .....दूसरी शादी, Sketches from Life: दूसरी
26 जुलाई 2016
29 जुलाई 2016
स्कूटर पर बैठे नरूला साब गुनगुनाते हुए ख़रामा ख़रामा 30-35 की स्पीड पर बैंक की तरफ जा रहे थे......रीगल,टेलकम पाउडर,फिक्स डिपाजिट,बैंक,ब्रांच, Sketches from Life: टेलकम पाउडर
29 जुलाई 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
27 जुलाई 2016
26 जुलाई 2016
02 अगस्त 2016
29 जुलाई 2016
11 अगस्त 2016
12 अगस्त 2016
26 जुलाई 2016
19 अगस्त 2016
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x