पहली तारीख है

10 अगस्त 2016   |  हर्ष वर्धन जोग   (151 बार पढ़ा जा चुका है)

पहली तारीख है

Sketches from Life: पहली तारीख है महीने की पहली तारीख को सुबह मोबाइल में मैसेज आने की घंटी बजती है तो तबियत खुश हो जाती है - वाह पेंशन ! मैसेज पढ़ कर तसल्ली हो गयी, मन आश्वस्त हो गया और बिना चीनी की चाय भी मीठी लगने लगी. मुझे तो लगता है कि हर सीनियर नागरिक को पेंशन मिलनी चाहिए. खैर अब पेंशन की घंटी बज चुकी है तो इत्मीनान से पेपर पढ़ा जा सकता है.लीजिये साब टॉप की खबर ये है की मुकेश अम्बानी ने आठवें साल भी बढ़ा हुआ वेतन लेने से इंकार कर दिया. कंपनी ने 2015 -16 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि हमने तो मुकेश अम्बानी साब के वेतन के लिए 38.75 करोड़ रुपये रख दिए हैं पर ये मुकेश अम्बानी साब है की मानता नहीं ! अक्टूबर 2009 से 15 करोड़ रुपये सालाना वेतन चल रहा है आठवें साल भी वही चलता रहेगा. भई बड़े लोगों की बड़ी बातें म्हारी समझ में तो ना आती. भई वो दे रे, थम ले लो एकाधा पेग म्हारे भी लगवा दो. पर हमारी सुनवाई ना है.और ये भी बात है की मुकेश अम्बानी की सालाना पगार भारत के ' टॉप टेन ' में नहीं है. भारत के ऊँची तनख्वाह लेने वालों की इन्टरनेट पर खोजबीन की तो पता लगा के 2014 - 15 के आंकड़ों के अनुसार करोड़ों में सालाना वेतन लेने वाले 'टॉप टेन' इस प्रकार हैं :1. C P Gurnani, CEO / MD, Tech Mahindra .....                165.6 2. Pawan Munjhal, CMD / CEO, Hero Motocorp .....          43.93. D B Gupta, Chairman, Lupin Pharma .....                       37.64. Aditya Puri, MD, HDFC Bank .....                                    32.85. Sunil Mittal, Chairman, Airtel .....                                     27.26. N Chandrasekharan, CEO / MD, TCS .....                      21.37. Rajiv Bajaj, MD, Bajaj Auto Ltd, .....                                20.58. Kumar Manglam Birla, Chairman, Aditya Birla Group, ...19.09. Y C Deveshwar, Chairman, ITC Ltd. .....                         15.310. Navin Agarwal, Executive Chairman, Vedanta Ltd.....   15.1अब अगले वित्त वर्ष में ये तनख्वाहें और भी बढ़ सकती हैं क्यूंकि महंगाई भी बढ़ रही है, बोनस मिलना है और सालाना इन्क्रीमेंट भी तो लगनी होगी. फिर ये भी ख़याल आया की कुछ लोग - मतलब कि कुछ बड़े लोग ऐसे भी होंगे जो वेतन लेते ही ना हों ? फिर खोज पड़ताल की तो पता लगा कि अमेरिका में काफी ऐसे लोग हैं जो एक डॉलर वेतन पर काम कर रहे थे या कर रहे हैं. इनमें से कुछ नाम इस प्रकार हैं :* माइकेल ब्लूमबर्ग ... न्यू यॉर्क के मेयर,* स्टीव जॉब्स ... अप्प्ल इंक.,* जॉन ऍफ़ केनेडी ... अमेरिका के राष्ट्रपति,* सेरेगेई ब्रिन ... अल्फाबेट इंक. , * लैरी पेज ... अल्फाबेट इंक. ,* मार्क जुकरबर्ग ... फेसबुक . पर भारत के ऐसे लोगों की कोई लिस्ट नहीं मिली. अगर आप की जानकारी में इस तरह के भारतीय नाम हों तो कृपया बताएं. फिर भी कुछ नाम मिले हैं जो एक रुपया प्रति माह वेतन ले रहे थे या ले रहे हैं : * डा. मन मोहन सिंह ..... पूर्व प्रधान मंत्री, * बिमल जालान ..... पूर्व गवर्नर, रिज़र्व बैंक, * नारायण मूर्ति ..... इनफ़ोसिस  करोड़ों की तनख्वाहें पढ़ कर अपनी हजारों की पेंशन का ख़याल आ गया. कैसे बढ़ाई जाय इस पर काफी गंभीरता से विचार किया. क्यों ना पेंशन को रुपयों के बजाये पैसों में बताया जाय ? कुछ इस तरह से : 35000 रूपए x 12 महीने x 100 पैसे = 4,20,00,000 याने चार करोड़ बीस लाख पैसे सालाना. ये कुछ सही लग रहा है. इस नए तरीके से अब अपनी पेंशन में कुछ जान आ गई है क्यूँकि ये आँकड़ा सम्मान जनक लग रहा है ! आप के पास पेंशन बढ़ाने का कोई और नुस्खा हो तो बताएं ? तब तक अपनी चाय ख़तम कर लूं.  Sketches from Life: पहली तारीख है

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