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बच्चों का पढ़ाई में ऐसे लगाएं मन

11 अगस्त 2016   |  रवि कुमार

पढाई में मन लगाने के अचूक उपाय :

जीवन के हर हिस्से में आपको एकाग्रता की जरूरत होती है क्योंकि एकाग्रता से अभिप्राय है कि आप अपने दिमाग को गलत और अनचाहे विचार से बचायें रखें, साथ ही अपना सारा ध्यान एक जगह पर लगाएँ रखें. इसके लिए आपको आपकी सारी क्षमताओं को इक्कठा करना होता है जिससे आपके मस्तिष्क की शक्ति बढती है और इसी शक्ति को एकाग्रता की शक्ति ( Power of Concentration ) कहा जाता है.

व्यक्ति की एकाग्रता को भंग करने के लिए अनेक कारक होते है, आज हम आपको उन्ही कारको को ध्यान में रखते हुए एकाग्रता को बढ़ाने के कुछ उपाय बता रहे है जो निम्नलिखित है –



-     खेल कूद में अधिक रूचि :

अगर आपके बच्चे की खेल कूद में अधिक रूचि होने की वजह से उसकी पढाई में बाधा आ रही है तो आप बच्चे की जन्पत्रिका के चतुर्थेश का रत्न चांदी उसे धारण करवा दें. साथ ही आप उस बच्चे को खाने में भी अधिक तरल पदार्थ ही दें. आप इस बात को अनुभव करेंगें कि बच्चे का मन खेल कूद से मुड़ कर पढाई में लगने लगा है. 


-    घुमने फिरने और संगीत में अधिक रूचि :

अगर बच्चे के पढाई में ध्यान न देने का कारण उसका अधिक घूमना फिरना और संगीत सुनना है तो आप बच्चे को लग्नेश का रत्न धारण करवा दें. साथ ही आप उसे कहें कि वो दिन में थोड़ी देर व्यायाम जरुर करें. इससे उसकी मानसिक शक्ति बढ़ेगी और वो पढाई में ध्यान देने लगेगा. 


-    आलस के कारण :

ज्यादातर बच्चे आलस के कारण अपनी पढाई में ध्यान नही दे पाते, अगर आपके बच्चे के साथ भी ऐसा है तो आप बच्चे को पंचमेश रत्न ताम्बे या नवमेश रत्न को सोने में धारण करके लें. आप बच्चे को खाने में नमकीन की जगह मीठा खिलाएं, इससे बच्चे का आलस दूर होता है. 


-    व्यसनों के कारण :

अगर व्यक्ति शराब, भांग या कोई अन्य नशा करता है तो उसे एकाग्र होने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसके लिए उस व्यक्ति को द्वितीयेश और नवमेश दोनों रत्नों को एक साथ धारण करना चाहियें. साथ ही खाने में आप खट्टे पदार्थ का इस्तेमाल करें. इससे उसका मन स्वयं ही उन चीजों से दूर होने लगेगा.


-    ब्रहममुहूर्त में पढाई करें :

माना जाता है कि अगर ब्रह्ममुहूर्त में बच्चा जिस विषय के बारे में पढता है उसे उस विषय से जुडी हर बात लम्बे समय तक याद रहती है. इसीलिए विद्यार्थियों के लिए कहा जाता है कि उन्हें देर रात तक पढने की जगह ब्रह्म मुहूर्त में उठाकर पढना चाहियें. अगर बच्चे अपने गले में ब्राह्मी बूटी को धारण करता है तो उससे उसकी स्मरण शक्ति में भी इज्जफा होता है, साथ ही उनकी एकाग्रता भी बढती है.


-    कमरों में हरे परदे लगायें :

हरा रंग मन को शांति देता है और एकाग्रता को बढ़ता है तो जिस कमरे में आप पढाई करते हो उस कमरे में आप हरे पर्दों को लगायें. जिन विद्यार्थियों को परीक्षा में अपने उत्तर भूल जाने की आदत है, उन विद्यार्थियों को परीक्षा के समय अपने पास कपूर और फिटकरी रखनी चाहियें. इससे उनके आसपास की नकारात्मक उर्जा हटती है.


-    किताबो में मोरपंख रखें :

अगर कोई विद्यार्थी किसी विषय में कमजोर है तो उसे उस विषय की पुस्तक में गुरुवार के दिन एक मोर पंख रखना चाहियें. स्वर शास्त्र में लिखा है कि जब विद्यार्थी परीक्षा के लिए जा रहा हो तो उसे अपने नासिक स्वर पर ध्यान देना चाहियें और जिस नाक का स्वर ज्यादा अच्छा चल रहा हो, उस तरफ के पैर को आगे करके घर से निकलना चाहियें. इससे आपकी सफलता के प्रतिशत बढ़ जाते है. इसके अलावा आप खाते वक़्त बिलकुल न पढ़े. अगर आपके पास पढने के लिए अलग कमरा नहीं है तो आप सामूहिक कमरे में पूर्व दिशा की तरफ मुहं करके ही पढ़ें. 


-    श्री यंत्र :

अगर आप अपनी पढाई में मन नही लगा पा रहे हो तो आप अपनी अध्ययन मेज पर लाल कपडा बिछा ले और उस पर श्री यंत्र की स्थापना करें. जब भी आप पढने के लिए बैठे तो आप श्री यंत्र पर कुछ देर ध्यान जरुर लगायें. आप अनुभव करोगे कि आप अपने हर विषय में एकाग्र होने लगे हो, साथ ही इससे आपकी स्मरण शक्ति भी बढती है.


-    कमरे के द्वार पर नीम की डाली लगायें :

कमरे के बाहर नीम की डाली लगाने से घर में शुद्ध हवा और सकारात्मकता उर्जा आती है. जो हर विद्यार्थी को सफलता पाने के लिए बहुत जरूरी होती है. सकारात्मकता व्यक्ति के मन और मस्तिष्क को संतुष्टि की भी अनुभूति कराती है जिससे विद्यार्थी की एकाग्र होने की शक्ति बढती है.


-    कोने से बचे :

पढने के लिए कभी भी कोने का चुनाव न करें. माना जाता है कि इससे आपकी प्रतिभा पर असर पड़ता है और आप अपनी प्रतिभा को प्रकट भी नही कर पाते. हर विद्यार्थी इस बात का भी जरुर ध्यान रखे कि उनके बाल उनके कानो को न ढके, इससे बच्चो के भ्रमित होने की संभावना बढती है और उनका पढाई से मन भटक जाता है.    


-    हकीक या रुद्राक्ष रखें :

अगर आपको लगता है कि आपकी पढाई में एकाग्रता कम होती जा रही है तो आप नवग्रह के रंगों के अनुसार नौ सुलेमानी हकीक को एक हरे कपडे में बाँध लें और उसे बुधवार के दिन अपने कमरे में रख लें. आप हर बुधवार को उसे खोलकर देखे और दुबारा बाँधकर रख दें. इसी तरह आप रुद्राक्ष को इसे आपका पढाई में मन लगने लगता है. आप अपने कमरे में पूर्व दिशा की तरफ सरस्वती जी का चित्र भी जरुर लगवा लें. आप इस बात का ध्यान रखे कि आपकी अध्ययन मेज पर शतरंज, ताश और मसलन जैसी चीज़े बिलकुल न हो.



इन सब उपायों को अपनाकर आप अपनी एकाग्रता को बड़ा सकते हो और सफलता को प्राप्त कर सकते हो.


अगर आपको ये  लेख  अच्छा लगे तो अवश्य बताएं . 





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