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16 अगस्त 2016
          आप जानते ही हैं कि हिन्दुओं के ३३करोड़ देवी देवता हैं। साल का कोई सा दिन ऐसा नहीं जाता होगा जिस दिन व्रत या त्यौहार न हो। एक ही देवता की आराधना करनी चाहिए। जो एक प्रिय देवता होता है वही इष्टदेव होता है। एक देवता की आराधना उत्तम है पर अन्य देवताओं से परान्मुख नहीं होना चाहिए, अपितु उनके प्र
16 अगस्त 2016
19 अगस्त 2016
आज का सुवचन
19 अगस्त 2016
22 अगस्त 2016
आज का सुवचन
22 अगस्त 2016
08 अगस्त 2016
आज का सुवचन 
08 अगस्त 2016
23 अगस्त 2016
आज का सुवचन
23 अगस्त 2016
10 अगस्त 2016
जि
जिंदगी गडित के एक सवाल की तरह हैं जिसमें सम विषम संख्यायों की तरह सुलझें - अनसुलझें साल हैं .हमारी दुनियां वृत की तरह गोल हैं जिस पर हम परिधि की तरह गोल गोल घूमतें रहते हैं .आपसी अंतर भेद को व् जीवन में आपसी सामंजस्य बिठाने के लिए  कभी हम जोड़ - वाकी करते हैं तो कभी हम गुणा भाग करते हैं .लेकिन फिर भी
10 अगस्त 2016
18 अगस्त 2016
आज का सुवचन
18 अगस्त 2016
21 अगस्त 2016
आज का सुवचन
21 अगस्त 2016
07 अगस्त 2016
    पूर्व लेख में गण्डमूल इतने अशुभ क्यों के अन्तर्गत सन्धि की चर्चा के साथ-साथ यह बता चुके हैं कि सन्धि कैसी भी हो अशुभ होती है। बड़े व छोटे मूल क्या हैं। गण्डान्त मूल और उसका फल क्या है। अब इसी ज्ञान में और वृद्धि करते हैं।    अभुक्त मूल-ज्येष्ठा नक्षत्र के अन्त की 1घटी(24मिनट) तथा मूल नक्षत्र की
07 अगस्त 2016
20 अगस्त 2016
आप यह जान लें कि मन्त्र में विघ्‍न दूर करने की शक्ति होती है। भौतिक विज्ञान के जानकार कहते हैं कि ध्वनि कुछ नहीं है मात्र विद्युत के रूपान्तरण के। जबकि अध्यात्म शास्त्री कहते हैं कि
20 अगस्त 2016
15 अगस्त 2016
जि
जिन्दगी एक जुआ की तरह हैं ,जिसमे ताश के पत्तों की तरह जीवन की खुशियाँ बखर जाती हैं .जब तक जीवन में सुखों का अंबार लगा रहता हैं तब तक हमें उन लम्हों अ आभास ही नहीं होता हैं जो हमारी हंसती ,मुस्कराती ,रंग - बिरंगी दुनियां में घुसपैठ कर बैठती हैं और जीवन की खुशनुमा लम्हों की लड़ीबिखर कर ,छितर कर गम हो ज
15 अगस्त 2016
18 अगस्त 2016
आज का सुवचन
18 अगस्त 2016
07 अगस्त 2016
आज का सुवचन 
07 अगस्त 2016
16 अगस्त 2016
आज का सुवचन 
16 अगस्त 2016
11 अगस्त 2016
म्हारा जीवन तराजू समान हैं जिसमें सुख और दुःख रूपी दो पल्लें हैं और डंडी जीवन को बोझ उठाने वाली सीमा पट्टी हें .काँटा जीवन चक्र के घटने वाले समयों का हिजाफा देता हैं .सुख दुःख के किसी भी पल्ले का बोझ कम या अधिक होनें पर कांटा डगमगाने लगता हैं सुख दुःख रूपी पल्लों की जुडी लारियां उसके किय कर्मो की सू
11 अगस्त 2016
23 अगस्त 2016
सु
सुवचन जीवन में प्रेरणा देते हैं। सुवचन के सार को जीवन में व्यवहार में लाने पर वे सार्थक हो जाते हैं! सुवचनों को व्यवहार में अवश्य लाना चाहिए। सुवचन सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं। सकारात्मक ऊर्जा सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है। इस पुस्तक में प्रेरक व जीवनोपयोगी 190 सुवचन
23 अगस्त 2016
21 अगस्त 2016
आज का सुवचन
21 अगस्त 2016
12 अगस्त 2016
जी
 जिंदगी तमाम अजब - अनूठे कारनामों से भरी हैं .ईन्सान अपनी तमाम भरपूर कोशिशों के बाबजूद भी उस पर सवार होकर अपनी मनमर्जी से जिन्दगीं नहीं जी पाता .वह अपनी ईच्छानुसार मोडकर उस पर सवारी नहीं कर सकता .क्योकि जिन्दगीं कुदरत का एक घोडा हैं अर्थात जिन्दगीं की लगाम कुदरत के हाथों में हैं जिस पर उसके सिवाय कि
12 अगस्त 2016
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