बो विश्वगुरु भारत देश कठे

20 अगस्त 2016   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (260 बार पढ़ा जा चुका है)


@@@@@ बो विश्वगुरु भारत देश कठे @@@@@
*******************************************************
मानवता है धर्म जकारो ,बे मिनख भलेरा आज कठे |
भ्रष्टाचार ने रोक सके , इसो भलेरो राज कठे ||
पति रो दुखड़ो बाँट सके ,बा सती सुहागण नार कठे|
घर ने सरग बणा सके ,बा लुगाई पाणीदार कठे ||
लुगाई ने सम्भाळ सके ,बो मर्द असरदार कठे|
धणयाणी ने समझ सके ,बो धणी समझदार कठे||
भरोसो नहीं टूटे किरोई ,इसो अबे व्योहार कठे |
खोट -मिलावट नहीं होवे ,इसो अबे व्योपार कठे||
माने माँ -बाप रो कहणो ,इसी अबे औलाद कठे|
जंग नहीं लागे जिण में, इसो अबे फौलाद कठे ||
देश रे खातिर मर मिटे ,इसा नेता आज कठे|
जनता रो दुखड़ो मिटा सके ,इसो अबे राज कठे||
आबादी ने रोक सके ,जनता में इसी जाग कठे|
गरीबी नहीं रेवे देश में ,देश रा इसा भाग कठे ||
झूठ -कपट ने रोक सके, इसा अबे लोग कठे |
सारा लोग सुखी हो जावे ,इसा अबे जोग कठे ||
बोली में मिश्री घोळ सके ,बा कोकिल कंठी नार कठे |
हिरदे में हेत जगा सके ,बा जीणे री आधार कठे ||
तन -मन ने निरोग राखे,इसी अबे खुराक कठे |
जुर्मी डर सू धूजण लागे ,पुलिस री इसी धाक कठे||
कायर ने वीर बणा सके ,कवियां रो बो सन्देश कठे |
दुश्मन धूजे जिण रे सामे ,वीरां रो बो देश कठे ||
देवी रो रूप दिखे जिण में ,छोरयाँ रो बिसो वेश कठे|
दुनिया ने मार्ग दिखाणे वाळो ,बो विश्वगुरु भारत देश कठे||
************************************************************

अगला लेख: कथित आधी घरवाली



इंजी. बैरवा
22 सितम्बर 2017

अच्छा लिखा है

शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
05 अगस्त 2016
<!--[if gte mso 9]><xml> <o:OfficeDocumentSettings> <o:RelyOnVML/> <o:AllowPNG/> </o:OfficeDocumentSettings></xml><![endif]--><!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves/> <w:TrackFormatting/> <w:PunctuationKerning/> <w:ValidateAgainstSc
05 अगस्त 2016
20 अगस्त 2016
@@@@ कथित आधी घरवाली @@@@ ****************************************** उससे है रिश्ता ऐसा जो बोलचाल में गाली है | नाम है गुड्डन उसका,वो मेरी प्यारी साली है || शालीनता की प्रतिमूर्ति,वो नजर मुझको आती है | शर्म के मारे वो साली मेरी,छुईमुई बन जाती है || जब कभी किसी बात पर,वो म
20 अगस्त 2016
26 अगस्त 2016
@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@घोर मंहगाई के इस दौर में , जान इन्सान की सस्ती है |जिसने जितना ठगा किसी को, उसकी उतनी हस्ती है ||पर न हिम्मत हार ओ नेक इन्सान नसीब इसे मान कर ,भ्रष्टाचार के भँवर में भी, नहीं डूबती ईमान की कश्ती है ||@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@
26 अगस्त 2016
22 अगस्त 2016
कु
हर मोड़ पर मिलते है यहाँ चाँद से चेहरेपहले की तरह क्यो दिल को नही भाते ||बड़ी मुद्दतो बाद लौटे हो वतन तुम आजपर अपनो के लिए कुछ आस नही लाते ||काटो मे खेल कर जिनका जीवन गुज़राफूलो के बिस्तर उन्हे अब रास नही आते||किसान, चातक, प्यासो आसमा देखना छोड़ोबादल भी आजकल कुछ खास नही आते ||
22 अगस्त 2016
31 अगस्त 2016
कौ
@@@@@ कौन श्रेष्ठ है नर या नारी @@@@@*****************************************************कौन श्रेष्ठ है इन दोनों में , एक पुरुष या एक नारी |भरी महफ़िल में इस मुद्दे पर,चल रही थी बहस भारी ||हम न होती तो कैसे घर में,नन्हा मेहमान कोई आता ?बोली एक नारी जोश में ,जो पुत्र हमारा कहलाता ?|एक पुरुष तपाक से ब
31 अगस्त 2016
16 अगस्त 2016
  तुम कितनी शांत हो गयी हो अब ,बीरान सी भी .वो बावली बौराई सरफिरीलड़की कहाँ छुपी है रे ? जानती हो , कितनी गहरी अँधेरी खाइयों मेंधकेल दी जाती सी महसूसती हूँ खुद कोजब तुम्हारे उस रूप को करती हूँ याद . क्यों बिगड़ती हो यूँ ?जानती हो न ,तु
16 अगस्त 2016
25 अगस्त 2016
टिमटिमाते तारे की रोशनी में मैंने भी एक सपना देखा है । टुटे हुए तारे को गिरते देखकर मैंने भी एक सपना देखा है । सोचता हूं मन ही मन कभी काश ! कोई ऐसा रंग होता जिसे तन-बदन में लगाकर सपनों के रंग में रंग जाता । बाहरी रंग के संसर्ग पाकर मन भी वैसा रंगीन हो जाता । सपनों से जुड़ी है उम्मीदे
25 अगस्त 2016
22 अगस्त 2016
हा
@@@@@@ हाँ रे मिनख जाग जा @@@@@@*********************************************************हाँ रे मिनख जाग जा ,क डूबण रो खतरों नेड़े आग्यो रे |क मिनख जाग जा |नेता लुटे अफसर लुटे,मिलकर सारा लूटे रे |(2)क अंग्रेजां री लूटपाट ,अब फीकी पड़गी रे ||क मिनख जाग जा |हाँ रे मिनख जाग जा ,क डूबण रो खतरों नेड़े आग्यो
22 अगस्त 2016
02 सितम्बर 2016
@@@@@ अनूठा हवाई अड्डा @@@@@--------------------------------------------------एक सुनहरे सफ़र की , मैं बता रहा हूँ यह बात |ट्रेन के उस सफ़र में ,एक सुन्दरी थी मेरे साथ ||सुन्दरी ने पहन रखा था,हवाई जहाजी लॉकेट |और सामने की सीट पर , बैठा था युवक एक ||मेरी नजर तो उस प्लेन पे , सिर्फ एक बार थी पड़ी |पर दृष
02 सितम्बर 2016
26 अगस्त 2016
@@@@ अपने हुनर को तराश इतना @@@@****************************************************अपने हुनर को तराश इतना ,कि तूदुनिया का सरताज हो जाये |हर ताज रहे तेरी ठोकर में ,और तू बादशाह बेताजहो जाये||अपने इल्म को निखार इतना, कि हर नजर दीदारको बेताब हो जाये |छू ले तू हर बुलन्दी को , और सच्चे तेरे ख्वाबहो जाये
26 अगस्त 2016
24 अगस्त 2016
व्यंग लेख --अपने देश की "महानता"के क्या कहने******************************************************मैं अपने देश भारत की उदारता को नमन करता हूँ |यही तो वो देश है ,जहाँ एक अनाचारी ,दुराचारी ,भ्रष्टाचारी ,अत्याचारी और बलात्कारी व्यक्ति स
24 अगस्त 2016
02 सितम्बर 2016
जब नौकरी दिलवाने,शादी करवाने ,मकान/फ्लैट,भूखंड बेचने का झांसा देकर रकम हड़पने वाले ठगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही हो सकती है तो सर्वजनिक रूप से विदेशों से काला धन 100 दिनों में भारत लाकर प्रत्येक भारतीय के खाते में पंद्रह पंद्रह लाख रुपये जमा करवाने का आश्वासन देकर मतदाताओं को फुसला कर उनसे वोट हासिल
02 सितम्बर 2016
22 अगस्त 2016
@@@@@@@ कमाई @@@@@@@*************************************************एक तरफ वेतन वाली,एक तरफ घूस वाली |एक कहे मैं बीवी , दूजी कहे मैं साली ||धर्मपत्नी सी वेतन वाली,रखेल जैसी घूस वाली |एक दिलाए इज्जत ,दूजी दिलाए गाली ||एक तरफ वेतन वाली,एक तरफ घूस वाली |एक कहे मैं बीवी , दूजी कहे मैं साली ||शरबत जैसी
22 अगस्त 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x