ईमान की शक्ति

26 अगस्त 2016   |  दुर्गेश नन्दन भारतीय   (122 बार पढ़ा जा चुका है)

@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@

घोर मंहगाई के इस दौर में , जान इन्सान की सस्ती है |

जिसने जितना ठगा किसी को, उसकी उतनी हस्ती है ||

पर न हिम्मत हार ओ नेक इन्सान नसीब इसे मान कर ,

भ्रष्टाचार के भँवर में भी, नहीं डूबती ईमान की कश्ती है ||
@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@

अगला लेख: बो विश्वगुरु भारत देश कठे



शब्दनगरी पर हो रही अन्य चर्चायें
22 अगस्त 2016
हा
@@@@@@ हाँ रे मिनख जाग जा @@@@@@*********************************************************हाँ रे मिनख जाग जा ,क डूबण रो खतरों नेड़े आग्यो रे |क मिनख जाग जा |नेता लुटे अफसर लुटे,मिलकर सारा लूटे रे |(2)क अंग्रेजां री लूटपाट ,अब फीकी पड़गी रे ||क मिनख जाग जा |हाँ रे मिनख जाग जा ,क डूबण रो खतरों नेड़े आग्यो
22 अगस्त 2016
23 अगस्त 2016
@@@@@@ इन्सान @@@@@@*********************************************सृष्टि का सबसे विचित्र , प्राणी है इन्सान |जीता है वो जिन्दगी,दिखा कर झूठी शान ||नहीं जी पाता वो कभी,सीधी सहज जिन्दगी |झूठ और कपट की ,करता उम्र भर बन्दगी ||बड़ा होना चाहता बचपन में, पचपन में चाहता फिर बचपन |अजीब है इन्सान की फितरत,जिन्द
23 अगस्त 2016
24 अगस्त 2016
गा
@@@@@@गाथा भारत महान की @@@@@@*******************************बातें करते बड़ी-बड़ी हम ,नीति आदर्श और शान की |गाथा सुनो तुम साथियों, इस भारत देश महान की ||पीने लगी है दूध मूर्ति,यह बात फैली थी गली-गली |विज्ञान के इस युग में भी,यहाँ रूढ़ियाँ फैली हैं सड़ी-गली ||कन्या को देवी समझ कर , पूजा भारत में जाता है
24 अगस्त 2016
सम्बंधित
लोकप्रिय
आज के प्रमुख लेख
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x