रक्षाबंधन पर यूपी सीएम का 'सराहनीय' प्रयास! Raksha Bandhan and Akhilesh Yadav

26 अगस्त 2016   |  मिथिलेश कुमार सिंह   (196 बार पढ़ा जा चुका है)

रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तर प्रदेश की लड़कियों के लिए इससे बेहतर तोहफा और क्या हो सकता है कि उन्हें सीएम अखिलेश यादव ने 30-30 हजार रुपये का चेक सौंपना शुरू किया है. जी हाँ, यूं तो कन्या विद्या धन योजना उत्तर प्रदेश सरकार की पुरानी योजना है, किन्तु इस बार जिस बड़े स्तर पर मुख्यमंत्री ने इसे व्यवहार में लाया है, उससे निश्चित रूप से एक आधी आबादी के एक बड़े हिस्से को प्रोत्साहन मिलेगा. लड़कियों की पढ़ाई और उनके अपने पैरों पर खड़ा होने की बात तो सभी करते हैं, किन्तु अखिलेश यादव ने जिस तरह से कदम बढ़ाया है, वैसा उदाहरण आपको कम ही मिलेंगे. इस बार का रक्षा बंधन यूपी की बेटियों के लिए खुशी के पल लेकर आया है. प्रदेश सरकार ने रक्षा बंधन से पहले ही उन्हें कन्या विद्या धन का तोहफा देने की न केवल तैयारी शुरू कर दी है, बल्कि खुद लखनऊ में कन्या विद्याधन वितरण कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ भी कर दिया है. इससे पहले सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हर जिले में रक्षा बंधन से पहले दो दिन तक अभियान चलाकर कन्या विद्याधन का चेक बांटने को पहले ही निर्देश दे रखा था, जो ज़ोर शोर से शुरू किया जा चुका है. गौरतलब है कि सीएम की इस योजना के तहत हर तहसील और जिला मुख्यालयों पर प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, तो इस पूरे अभियान में 89,100 स्टू्डेंट्स को 30-30 हजार रुपये के चेक दिए जाने की बात कही जा रही है. इस सम्बन्ध में प्रदेश सरकार द्वारा 2 अरब 67 करोड़ 30 लाख रु. जारी किये जा चुके हैं, जिससे मेधावी छात्राओं को निश्चित तौर पर प्रोत्साहन मिलेगा.


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Raksha Bandhan and Akhilesh Yadav 'Kanya Vidya Dhan Yojna'

हमारे देश में नारी सशक्तिकरण पर हमेशा से चर्चा चलती रही है, किन्तु इससे आगे बढ़कर इस बात की आवश्यकता थी कि महिलाओं को पढ़ने लिखने के लिए प्रोत्साहन दिया जाए. पढाई-लिखाई पर ज्योंही किसी महिला का ध्यान एकाग्रचित्त हुआ कि उसके साथ-साथ पूरे परिवार की डेवलपमेंट सुनिश्चित हो जाती है. इस क्रम में यूपी सीएम निश्चित रूप से धन्यवाद के पात्र हैं, जिन्होंने कन्या विद्याधन बांटने का समय रक्षाबंधन को चुना. इससे सीधे तौर पर जिन छात्राओं को लाभ मिलेगा, वह तो प्रेरक है ही, साथ ही साथ रक्षाबंधन पर यूपी सीएम के इस प्रयास से लाखों लोगों को प्रेरणा भी मिल सकती है, जो इस पवित्र त्यौहार पर बहन को शिक्षित करने की बजाय गिफ्ट और कपड़े देकर अपने कर्त्तव्य की 'इतिश्री' समझ लेते हैं. रक्षाबंधन पर उपहार देने का अपना महत्त्व हो सकता है, किन्तु क्या हमारे ऊपर हमारी नारी-शक्ति को शिक्षित और सशक्त करने की उससे भी बड़ी जिम्मेदारी नहीं है? सवाल तो उठता ही है, क्योंकि आधी आबादी की शिक्षा दीक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकारों की ही नहीं है, बल्कि हर एक नागरिक को इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. इस पवित्र त्यौहार पर हमें समाज से इस भेदभाव को भी ख़त्म करने की आवश्यकता है कि अपने बेटे को तो हम कैसे भी क़र्ज़ लेकर इंजीनियरिंग या उच्च शिक्षा दिलाने का प्रयत्न करते हैं, किन्तु बेटियों को या तो शिक्षित करना ही नहीं चाहते और अगर समाज के दबाव में उसे पढ़ाते भी हैं तो बस 'औपचारिकता' भर! साफ़ ज़ाहिर है कि समाज को इस राह में अभी काफी लंबा सफर तय करना है. यूपी सीएम के 'रक्षाबंधन' पर लिए गए इस इनिशिएटिव ने हमारे सामने निश्चित तौर पर लड़कियों की शिक्षा और नारी सशक्तिकरण का प्रश्न ज़ोरदार ढंग से उठाया है.

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भाइयों को अपनी बहनों की शिक्षा के लिए हर हाल में खड़ा होना चाहिए, ताकि वह हमारे समाज को और बेहतर ढंग से सजाने संवारने में अपना योगदान दे सके. जहाँ तक प्रश्न कन्या विद्या धन का है तो इस सम्बन्ध में सीएम ने कहा है कि डीएम और जिला विद्यालय निरीक्षक हर जिले में इसके लिए सूची बनाएंगे और यह सूची यूँ ही नहीं, बल्कि मानकों के आधार पर बनाये जाने का निर्देश दिया गया है. इसके वितरण के लिए बकायदा तहसील और जिला स्तर पर समारोह का आयोजन किये जाने की बात तो कही ही गयी है, साथ ही साथ इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री और विधायकों को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जाना भी सुनिश्चित किया गया. जाहिर है, यह सभी कार्य सरकार की विश्वसनीयता जाहिर करते हैं, ताकि किसी भी स्तर पर धांधली की शिकायत न मिले, वरना कई बार योजनाओं में लूट-खसोट हो जाती है. शुक्र है कि अखिलेश यादव खुद ऐसी महिला हितकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और इसी से उनकी प्रतिबद्धता जाहिर होती है. सरकार के प्रवक्ता के अनुसार यह विद्याधन 2016 में इंटरमीडिएट या समकक्ष उत्तीर्ण जिले की मेधावी छात्राओं को कन्या विद्याधन दिया जा रहा है. जनता में अखिलेश सरकार के इन प्रयासों से यह उम्मीद बलवती हो गयी है कि आने वाले दिनों में जनहित में और भी प्रयास तेज किये जायेंगे. उम्मीद की जानी चाहिए कि अखिलेश सरकार की योजनाओं और नीतियों से न केवल सीधा लाभ लोगों को मिलेगा, बल्कि उससे एक सामाजिक जागृति भी आएगी और रक्षाबंधन पर कन्या विद्याधन की योजना इसका सर्वोत्तम उदाहरण बन कर सामने आयी है.


- मिथिलेश.

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