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06 सितम्बर 2016
आप सोचते हैं कि आपमें योग्यता है, परिश्रम करने की क्षमता है और उचित अवसर भी मिलते रहते हैं, परन्तु फिर भी लक्ष्य नहीं पूरा होता। आपको लगता है कि आपके पास सच्चे मित्र नहीं है। आपको लगता है कि आपको सदैव गलत ही समझा जाता है। आपको लगता है कि आपको आगे बढ़ने के अवसर मिलते ही नही
06 सितम्बर 2016
07 सितम्बर 2016
आज का सुवचन
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06 सितम्बर 2016
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08 सितम्बर 2016
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12 सितम्बर 2016
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06 सितम्बर 2016
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06 सितम्बर 2016
09 सितम्बर 2016
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07 सितम्बर 2016
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07 सितम्बर 2016
24 अगस्त 2016
आज का सुवचन
24 अगस्त 2016
07 सितम्बर 2016
आशावादी बनना चाहिए। आशावादिता से जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन आते हैं। इसलिए आशाएं कभी भी नहीं मरनी चाहिएं। आशाएं सजीव रखेंगे तो जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग सदैव बना रहेगा। आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें... JYOTISH NIKETAN: आशावादी बनें!
07 सितम्बर 2016
08 सितम्बर 2016
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12 सितम्बर 2016
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07 सितम्बर 2016
आज का सुवचन
07 सितम्बर 2016
25 अगस्त 2016
आज का सुवचन
25 अगस्त 2016
22 अगस्त 2016
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22 अगस्त 2016
09 सितम्बर 2016
आज का सुवचन
09 सितम्बर 2016
04 सितम्बर 2016
धूप मे धूप साये मे साया हूँ बस यही नुस्का आजमाया हूँएक बोझ दिल से उतर गया कई दिनों बाद मुस्कुराया हूँदीवारें भी लिपट पड़ी मुझसेमुद्दतों के बाद घर आया हूँउसे पता नहीं मेरे आने का छुप कर के उसे बुलाया हूँ समीर कुमार शुक्ल
04 सितम्बर 2016
13 सितम्बर 2016
सफलता चाहिए तो कर्मयोगी बनना आवश्यक है। संसार रूपी रंगमच में कर्मयोग द्वारा ही सफलता मिलती है। गीता में कहा है-योगः कर्मसु कौशलम्‌। स्पष्ट है कि कर्मयोगी कार्यकुशल होता है। यह भी कह सकते हो कर्म के योग से कुशलता प्राप्त होती है। इसी प्रकार वेद कथन है कि कुर्वन्नेवेह कर्मा
13 सितम्बर 2016
07 सितम्बर 2016
आशावादी बनना चाहिए। आशावादिता से जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन आते हैं। इसलिए आशाएं कभी भी नहीं मरनी चाहिएं। आशाएं सजीव रखेंगे तो जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग सदैव बना रहेगा। आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें... JYOTISH NIKETAN: आशावादी बनें!
07 सितम्बर 2016
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आशावादी बनना चाहिए। आशावादिता से जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन आते हैं। इसलिए आशाएं कभी भी नहीं मरनी चाहिएं। आशाएं सजीव रखेंगे तो जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग सदैव बना रहेगा। आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें... JYOTISH NIKETAN: आशावादी बनें!
07 सितम्बर 2016
04 सितम्बर 2016
तेरी तरहा मैं हो नहीं सकता नहीं ये करिश्मा हो नहीं सकतामैंने पहचान मिटा दी अपनी भीड़ मे अब खो नहीं सकताबहुत से काम याद रहते है दिन मे मैं सो नहीं सकताकि पढ़ लूँ पलकों पे लिखी इतना सच्चा हो नहीं सकतासमीर कुमार शुक्ल
04 सितम्बर 2016
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