JYOTISH NIKETAN: आशावादी बनें!

07 सितम्बर 2016   |  डॉ उमेश पुरी 'ज्ञानेश्‍वर'   (314 बार पढ़ा जा चुका है)

JYOTISH NIKETAN: आशावादी बनें!


आशावादी बनना चाहिए। आशावादिता से जीवन में आश्चर्यजनक परिवर्तन आते हैं। इसलिए आशाएं कभी भी नहीं मरनी चाहिएं। आशाएं सजीव रखेंगे तो जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग सदैव बना रहेगा। आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें...

JYOTISH NIKETAN: आशावादी बनें!

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