पिछले 2 सालो का भारत

07 सितम्बर 2016   |  प्रमोद मिश्र   (409 बार पढ़ा जा चुका है)

पिछले 2 सालो का भारत

पिछले 2 सालो में देश में हुए तमाम बदलावो को कोई माने या ना माने लेकिन एक बात तो वर्तमान सरकार के धुरविरोधी भी मानते है की दुनिया का भारत को देखने का तरीका बदल है , उनका नजरिया बदला है ! आज जब भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है ,आज हमारे पडोसी अपनी रननीति बनाते समय भारत को ध्यान में रखते है ,पहले अमेरिका रूस जैसे ताकतवर देशो में जाकर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री को देखकर ऐसा लगता था जैसे हमारे देश का प्रधानमंत्री उनके सामने एक बहुत ही मामूली सख्सियत लगती हो लेकिन वो आज बदला है, आज हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री जब किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष से मिलते है तो सारे उनसे ऐसे मिलते है जैसे भारत उन्हें सुझावदेगा और समस्याओ का हल निकालने में उनकी मदद करेगा, कुछ विरोधी देश है वो भी इतनी हिम्मत नहीं जूता पाते की भारत जैसे देश की बुराई कर सके ,अमेरिका जैसादेश तो इस समय भारत की पूरी चमचागिरी में लगा हुआ है


हालाँकि वो अलग बात है की अमेरिका के बारे में सभी जानते है की अमेरिका को केवल और केवल अपने आप से मतलब है और बिना अपने मतलब के वो एक भी स्टेटमेंट नहीं देता ,हां इसमें कोई दो राय नहीं है की भारत को अमेरिका द्वारा दिया जाने वाला भाव पाकिस्तानसे लाख गुना ज्यादा है और यही कारन है की अब पाकिस्तान जो की हर छोटी से छोटी बात पे अमेरिका के पास पहुचकर गुहार लगता था वो अब अमेरिका से नहीं बल्कि चीन से गुहार लगाता है लेकिन चीन भी इतना बेवक़ूफ़ तो नहीं है ,चीन भी पाकिस्तान को इस्तेमाल ही कर रहा है ,


आज हमारे पास सबसे बड़ी सकारात्मक चीज जो है वो ये की हमारे पास एक मजबूत प्रधानमंत्री है और वो अपनी बात को अंतर राष्ट्रीय मंचो पे मजबूती से रखता है फिर चाहे वो कालेधन का मुद्दा हो ,चाहे वो आतंकवाद का मुद्दा हो और चाहे कोई अन्य ! हमारे देष का प्रधानमंत्री संयुक्त राष्ट्र में दिए गए अपने भाषण और उसमे बताये गए तमाम सुझाव से ही दुनिया को दिखा देता है की भारत पहले भी विश्वगुरु था है और रहेगा ,जो 125 करोड़ लोगो की बात करता है, जिसने लोगो को विकास की राजनीति करने पे मजबूर किया है!


आज कोई भी पार्टी हो उसको विकास की बात करनी ही है ,वो अलग बात है की भारत की जड़ो में व्याप्त जातिवाद को ख़तम करना इतना आसान नहीं है लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं की आज के भारत की पिछले 2 सालो में दस और दिखा बदली है फिर चाहे वो किसी भी क्षेत्र में हो! यहाँ पे केवल उसी क्षेत्र को बताया गया है जिसको सरकार के विरोधी भी मानते है की हां इस क्षेत्र में बदलाव आया है! आज दुनिया द्वारा भारत को देखा जाने का नजरिया बदला है !!

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प्रमोद मिश्र
09 सितम्बर 2016

धन्यवाद सर जी हौसला अफजाई करने के लिए

बहुत सुन्दर लिखा प्रमोद जी एक ईमानदार आलेख !

शिव शंकर कुमार
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