विलुप्त होती भारतीय संस्कृति पैर जमाती विलायती संस्कृति चिंतनीय विषय

15 सितम्बर 2016   |  मलखानसिंह भदौरिया   (528 बार पढ़ा जा चुका है)

वेद पुराणों पर आधारित भारतीय संस्कृति अब विलुप्त होती जा रही है आने वाली पीड़ी पर विलायती संस्कृति हावी होती जा रही है जैसे-जैसे वेद पुराणों पर धूल जमती जा रही है टेलिविजनों पर प्रसारित पश्चिमी संस्कृति युवाओं पर हावी हो रही है भारतीय संस्कृति का विलुप्त होने का ही कारण है घरेलु हिंसा !!!

  • भारतीय ग्रंथों में सामजिक,पारिवारिक, व्यवस्था बनाये रखने के गुण तथा भाईचारा,प्रेम का मूल मन्त्र है

वेद पुराण एक दुसरे के प्रति त्याग,वलिदान,सिखाते है "श्रीरामचरित्रमानस" सिखाती है "भाई का भाई" के वीच " माता-पितास और पुत्र" पति और पत्नी के वीच हमारा कैसा व्यवहार होना चाइये समाज के प्रति हमारे क्या कर्तब्य होने चाइये !!!

टेलीविजन पर प्रसारित कार्यक्रमों का भारतीय संस्कृति से दूर-दूर तक कोई नाता नही है घर-घर पश्चिमी संस्कृति का नंगा नाच हो रहा है हमारा भारत बहू में भारतीय कल्चर खोज रहा है




मलखानसिंह भदौरिया

भिंड म.प्र.

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