अनमोल वचन ---- योगी अरविन्द (पांड्चेरी

12 अक्तूबर 2016   |  आलोक सिन्हा   (215 बार पढ़ा जा चुका है)

यदि सौदर्यगत संतुष्टि ही सब कुछ होती तो महज सुषमा या सम्मोहन वाली नारी के प्रति चाहत व् आकर्षण भावनात्मक संतुष्टि के खो जाने पर भी भली भांति न बने रहते | जब झुर्रियां उसके चेहरे पर उम्र का लेखा प्रगट करती या जब कोई दुर्घटना उसकी सुन्दरता पर आघात करती तो यह चाहत क्षीण होकर नष्ट हो जाती | क्योंकि तब वर्तमान आकर्षण को प्रोत्साहन देने वाला कारण समाप्त हो गया होता |

योगी अरविन्द (पांड्चेरी )

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